आँख से दूर न हो दिल से उतर जायेगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जायेगा इतना मानूस न हो ख़िलवतेग़म से अपनी तू कभी खुद को भी देखेगा तो ड़र जायेगा {मानूस == intimate /familiar, ख़िलवत-ए-ग़म == sorrow of lone… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 9 months ago: आँख से दूर न हो दिल से उतर जायेगा वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जायेगा इतना मानूस न हो ख़िलवतेग़म से … more →