Blogs about: आँख

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कतरनों में मनोरंजन -हास्य कविताऐं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: बेच रहे हैं मनोरंजन कहते हैं उसे खबरें भाषा के शब्दकोष से चुन लिए हैं कुछ ख़ास शब्द उनके अर्थ की बन … more →

Tags: दीपक भारतदीप, मस्तराम, शब्द, सन्देश, साहित्य, Deepak bharatdeep, Enternment, Friends, hasya kavita

आँख की फूली काटने का मन्त्र

aspundir wrote 7 months ago: आँख की फूली काटने का मन्त्र “उत्तर काल, काल। सुन जोगी का बाप। इस्माइल जोगी की दो बेटी-एक माथे … more →

Tags: शाबर मन्त्र-Shabar Mantra, पर्वकाल, फूली

यही तो ज़िन्दगी है 3 comments

kmuskan wrote 7 months ago: इक सपना टूटा आँख से आंसू बहा कुछ देर तक दिल बेचैन रहा उदास रहा पर फिर जैसे ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया … more →

Tags: Zindagi, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, दिल, सपना, सुंदर, Blogroll, hindi

अश्क से पहले आँच उठती है5 comments

विनय wrote 1 year ago: अश्क से पहले आँच उठती है जब भी तुझपे आँख टिकती है बाटे हुए सब वक़्त के धागे पर उनमें अब गिरह दिखती है … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, गिरह, Love, time, eyes, प्यार

आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा2 comments

विनय wrote 1 year ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मेरे दिल तक पहुँचा ज़ख़्म देकर जो उसका जी न भरा दिल उसका मेरे दि … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, arrow, आसमाँ, इश्क़, ख़ुशी, जी, तीर, दर्द, दिल

ख़ामोश निगाह तेरी

विनय wrote 1 year ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है दिल की बात करें क्या एक … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार, नाम, मोहब्बत

अंगीठी में सुलगता कोयला

विनय wrote 1 year ago: अंगीठी में सुलगता कोयला झलोगे तब जाकर धुँआ ज़रा कम उठेगा आँसू अपनी आँख के सब पोंछ दो शायिर: विनय प्रज … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, eyes, धुँआ, आँसू, Life, Tears, अंगीठी, कोयला

अगर आँख रोये

विनय wrote 1 year ago: अगर आँख रोये और दिल सिसकियाँ भरे तो भला बोलो आशिक़ ऐसे में क्या करे इक वो दिन था इक ये आज का दिन है म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आशिक़, आह, इश्क़, ख़ुदा, ख़ुश, नज़र, पत्थर दिल, बुत

वक़्त गुज़रा किया पल-पल आदतन

विनय wrote 1 year ago: मैं ईज़ा1 में पड़ा नदामत2 को तड़पता रहा जैसे शोला बुझती आग में भड़कता रहा मैं कमरे में बैठा खोया रहा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, Heart, time, eyes, Moment, दिल, दरवाज़ा, नाम

दिल की बस्तियाँ जलीं

विनय wrote 1 year ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, उम्मीद, इश्क़, दर्द, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार

आज फिर धुँधले बादलों के पार

विनय wrote 1 year ago: आज फिर धुँधले बादलों के पार देखा चाँद, सुनहरा चाँद… आज फिर तेरी याद आयी, आज फिर मेरा जिस्म महक … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, आस्माँ, उफ़, eyes, बादल, ज़मीं, तमन्ना, मुद्दत

और इक आह की ख़लिश देती है

विनय wrote 1 year ago: रूह बहुत बेक़रार’ बहुत बेकल है इस जिस्म से छुटकारा चाहती है अगर तुम न मिली मुझको… यह बेक़र … more →

Tags: मेरी नज़्म, इश्क़, गिरह, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, Pain, धड़कन


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