दीया, तुम जलना.. अंतरतम का मालिन्य मिटाना विद्युत-स्फूर्त ले आना. दीया, तुम जलना. जलना तुम मंदिर-मंदिर हर गांव नगर में जलना ऊंच-नीच का भेद ना करना हर चौखट तुम जलना बूढ़ी आँखों में तुम जलना उलझी रातों … more →
यायावरी....श्रीश प्रखरshreesh k. pathak wrote 1 month ago: दीया, तुम जलना.. अंतरतम का मालिन्य मिटाना विद्युत-स्फूर्त ले आना. दीया, तुम जलना. जलना तुम मंदिर-मंद … more →