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Blogs about: आँसू

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दिवाली की पाती- अम्माँ के नाम22 comments

गिरिजेश राव wrote 1 month ago: . . . अम्माँ, आज जब तुम दिया जलाओगी तो मुझे पता है कि आंसुओं को रोके रखोगी। दो बेटे, बहुएँ, नतिनियाँ … more →

Tags: दिवाली, दीवाली, माई, अम्माँ, त्यौहार, पिताजी, दीपावली, मकान, गाँव

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 9 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, दिल, शाम, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम

जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं11 comments

विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, चाह, दोस्त, लोग, Heart, time, दिल, याद

हम सब के सच्चे दोस्त हैं6 comments

विनय wrote 1 year ago: हम सब के सच्चे दोस्त हैं हर दिल की बात समझते हैं उसकी ख़ुशी को हम अपने ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं … more →

Tags: रुबाइयाँ, ख़ुशी, इश्क़, दोस्त, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

मैं मर जाऊँ तो1 comment

विनय wrote 1 year ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, eyes, दिल, प्यार, मोहब्बत, Pain

हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से

विनय wrote 1 year ago: हल्के-हल्के आँसू टूटे हैं मेरी आँखों से अब बात नहीं बनती है तेरी यादों से बोल तुझे इक हर्फ़ में कैसे … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, light, eyes, Reminisce, प्यार, याद, मोहब्बत

कभी यूँ भी होता है2 comments

विनय wrote 1 year ago: कभी यूँ भी होता है ज़िन्दगी मिलती है खो जाती है यह शाम उसकी यादों में मुझको डुबो जाती है नहीं यह मुमक … more →

Tags: रुबाइयाँ, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, possible, प्यार, मोहब्बत, Life, Tears

मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला3 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सितारों के लिए चाँद ढूँढ़ने निकला दिन अदा किया तब रात नसीब हुई हर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, रात

ज़हर पीकर जीने चले2 comments

विनय wrote 1 year ago: ज़हर पीकर जीने चले कच्चे-पक्के ज़ख़्म सीने चले आँसू सूखे हुए थे पलकों से बरसते हैं सितारे सारी रात चाँ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, चाँद, इश्क़, Love, पलाश, आइना, प्यार, मोहब्बत

अंगीठी में सुलगता कोयला

विनय wrote 1 year ago: अंगीठी में सुलगता कोयला झलोगे तब जाकर धुँआ ज़रा कम उठेगा आँसू अपनी आँख के सब पोंछ दो शायिर: विनय प्रज … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, eyes, धुँआ, Life, Tears, आँख, अंगीठी, कोयला

जब से भूल जाना चाहा तुमको 1 comment

विनय wrote 1 year ago: जब से भूल जाना चाहा तुमको तेरी याद और भी आती है सपना क्या कभी कोई ऐसा हुआ जो बिखरा नहीं बची राख को आ … more →

Tags: मेरी नज़्म, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Frozen, गुल, प्यार

वो जिसे इश्क़ कहता था

विनय wrote 1 year ago: वो जिसे इश्क़ कहता था वाइज़1 हम उसमें फँस गये बहाये इतने आँसू कि जहाँ खड़े थे वहीं धँस गये न जिगर से ल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, दिल, बादल, नसीब, ख़्याल

अपना अक्स देखा

विनय wrote 2 years ago: आज राह चलते-चलते इक आईने में अपना अक्स देखा बड़ा ग़ुरूर था मुझे खु़द पर न मैंने अपने अंदर का नक्स देख … more →

Tags: मेरी नज़्म, उम्मीद, रात, अक्स, सवेरा, HOPE, Morning, Night, Tears

'विनय' इक आईना है टूटा हुआ

विनय wrote 2 years ago: क्यों खेलते हो? जल जाओगे! इक आग है ‘विनय’ तरक़ीब पे तरक़ीब खेलते हो कुछ और है ‘विनय … more →

Tags: मेरी नज़्म, दर्द, क़रीब, Frozen, मौसम, Pain, घर, आग, विनय

मगर बीते हुए दिन मुझे आज भी ढ़ूँढते हैं...

विनय wrote 2 years ago: नामालूम वह दिन मैंने जन्नत में गुज़ारे या जहन्नुम में मगर बीते हुए दिन मुझे आज भी ढ़ूँढते हैं वह ताने … more →

Tags: मेरी नज़्म, Heart, Mind, दिल, इंतज़ार, Heaven, Attraction, hell, कशिश


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