Blogs about: आंदोलन

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हम अब भी लालगढ़ में हैं - चत्रधर महतो

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 week ago: हम अब भी लालगढ़ में हैं, ऐसा कहना है लालगढ़ (पश्चिम बंगाल) के आदिवासी नेताओं का. मंगलवार, 30 जून को … more →

Tags: आतंकवाद, उत्पादन के संबंध, उदारीकरण, पूंजीवादी संकट, कम्युनिस्ट पार्टी क, दुस्साहसवाद, वर्ग चेतना, संशोधनवाद, समाज और संस्कृति

सर्वहारा वर्ग, "जन-साधारण" और किसान वर्ग - शोषण के रूपों का महत्त्व1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 weeks ago: 28.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां सर्वहारा वर्ग के शोषण का … more →

Tags: एंगेल्स, फासिज्म, मार्क्सवाद, विरासत, संघर्ष, सर्वहारा

बुर्जुआ समाज के अंतरविरोध और सर्वहारा द्वारा इनका उपयोग2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 weeks ago: 27.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां बुर्जुआ वर्ग की कतारों क … more →

Tags: मार्क्सवाद, विरासत, संघर्ष, सर्वहारा, कम्युनिस्ट पार्टी क, कार्ल मार्क्स, डेविड रियाज़ानोव, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना

जब औजार क्रांति की माँग करते हैं 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 3 weeks ago: श्री ज्ञानदत्त पाण्डेय जी के आलेख  उद्यम और श्रम की इन टिप्पणियों को  देखें ; अभिषेक ओझा said… … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, उदारीकरण, क्रांति, पूंजीवादी संकट, समाजवाद, साम्राज्यवाद, अधिशेष, ट्रेड यूनियन

आज के किसान का चरित्र - हमारी पहुँच - कुछ और स्पष्टता

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 4 weeks ago: “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर … की टिप्पणियों के प्र … more →

Tags: कम्युनिस्ट, क्रांति, समाजवाद, सर्वहारा, Communist, इन्कलाब, किसान, क्रांतिकारी, जनवादी

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत

नई समाजवादी क्रान्ति का उद्घोषक 'बिगुल' के मई-2009 अंक की विषय - सामग्री2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: मज़दूर वर्ग के लिए सबसे बुरी बातों में से एक शायद यह है कि मई दिवस को आज एक अनुष्ठान बना दिया गया है … more →

Tags: बिगुल, भगत सिंह, सर्वहारा, संघर्ष, बाल श्रम, कविता, एंगेल्स, उदारीकरण, कार्ल मार्क्स

चीनी विशेषता वाले ''समाजवाद'' में मज़दूरों के स्वास्थ्य की दुर्गति

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →

Tags: क्रांति, बिगुल, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, समाजवाद, सर्वहारा, नवउदारवादी दौर

मई दिवस का इतिहास-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: इस पोस्ट का पहला भाग ….यहाँ देखें शिकागो की हड़ताल और हे मार्केट की घटना पहली मई को शिकागो में … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, एंगेल्स, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, फासिज्म, युद्ध, लेनिन

मई दिवस का इतिहास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अलेक्जेण्डर ट्रैक्टनबर्ग अनुवाद : अभिनव सिन्हा मई दिवस का जन्म काम के घण्टे कम करने के आन्दोलन से … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, युद्ध, विरासत, संघर्ष, सर्वहारा

मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →

Tags: चर्चा है कि, बिगुल, मजदूर, शोषण-उत्पीड़न, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, बेरोजगारी, मजदूरों का जीवन

मई दिवस पर याद किया मज़दूरों की शहादत को

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: बिगुल संवाददाता गोरखपुर नौजवान भारत सभा, बिगुल मज़दूर दस्ता और अखिल भारत नेपाली एकता मंच ने मिलकर अन् … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, मजदूर, सर्वहारा, इन्कलाब, मई दिवस, मजदूरों के हक़

`बिगुल´ के लक्ष्य और स्वरूप पर एक बहस और हमारे विचार

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: (बिगुल, अप्रैल 1999) `बिगुल´ का पाठक कौन है? मज़दूरों के किस हिस्से तक पहुँचना इसका मकसद है? … more →

Tags: कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मजदूर, लेनिन, सर्वहारा, मजदूरों के हक़, वर्ग दृष्टिकोण

कुछ ज्यादा ही लाल... कुछ ज्यादा ही अन्तरराष्ट्रीय 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: (बिगुल के स्वरूप पर आत्माराम का पत्र) (जुलाई-अगस्त 1996) कुछ ज्यादा ही लाल… कुछ ज्यादा ही अन … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन

एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बे … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, लेनिन

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-4

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: एजेण्डा पर कम्युनिस्ट क्रान्तिकारियों की एकता का सवाल : एक सर्वभारतीय पार्टी के गठन की ओर नक्सलबा … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Maoism, Communist

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-32 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: तैयार होती ज़मीन, वह ऐतिहासिक विस्फोट और उसके बाद नवम्बर, 1964 में जब कलकत्ता के त्यागराज हॉल मे … more →

Tags: आतंकवाद, आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, Communist, Maoism

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: निकट अतीत की पृष्ठभूमि : नक्सलबाड़ी-पूर्व दो दशकों के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट आन्दोलन नक्सलबाड़ी में … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, संघर्ष


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