वो बहुत याद आए भुलाने के बाद आग बुझती नहीं है ज़माने के बाद और इस से बड़ी कोई मुश्किल नहीं ज़िंदगी बढ़ गई ज़हर खाने के बाद इतना अंधा किया फ़ुरक़ते यार ने दिल जलाना पड़ा उसके जाने के बाद हुआ हाल ऐसा मे… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 2 months ago: वो बहुत याद आए भुलाने के बाद आग बुझती नहीं है ज़माने के बाद और इस से बड़ी कोई मुश्किल नहीं ज़िंदगी ब … more →