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Blogs about: आकाश

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एक बचपन उसने जिया (बाल दिवस विशेष)2 comments

Nidhi KM wrote 1 week ago: एक कमरा सपनो  भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, 14 November, एक, खिड़कि, छत, छाँव, ज़मीन

चांदी के कप की खातिर- हास्य व्यंग्य कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, रचना, लेखक, व्यंग्य

इंसान को पंख नहीं लगा सकता-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: जमीन पर आते हुए इंसान ने सर्वशक्तिमान से कहा ‘इस बार इंसान बनाया है इसके लिये शुक्रगुजार हूं पर मुझे … more →

Tags: writing, Global Dashboard, कविता, दृष्टिकोण, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, अनुभूति, हिंदी साहित्य, Internet

आग लगाने की इंसानों में आदत होती-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जमीन पर आते हुए इंसान ने सर्वशक्तिमान से कहा ‘इस बार इंसान बनाया है इसके लिये शुक्रगुजार हूं पर मुझे … more →

Tags: हिंदी, hindi article, Hindi writing, hindi kavita, Friends, Family, समाज, Blogger, Deepak bharatdeep

अपनी जिंदगी के राज किसको बतायें-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको माना था सरताज वह असलियत में सियार निकल आये भरोसा किया था जिन पर वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये … more →

Tags: hasya -vyangya, Kavita, hasya vyang, vyangya, writer, aritile in hindi, हिंदी आलेख, हिंदी, hindi article

वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको माना था सरताज वह असलियत में सियार निकल आये भरोसा किया था जिन पर वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये … more →

Tags: abhivyakti, Internet, Friends, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar

सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश…

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सुनी सुनी गलिया सुना सुना आकाश, चाँद तारे सबको भेजा यार के पास, चाँद तारो की छाव में प्यारी नींद आए, … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, amarjeet singh, अमर, अमरजीत, गलिया, चाँद, दिल

यह यादें तो ऐसी हैं

विनय wrote 1 year ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं जब तक अंधेरे में चलते रहे तब तक हम दोनों साथ नहीं जहाँ उजालों क … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, दिल, प्यार, फ़िज़ा


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