फ़िर से लग गई है दुकाने फ़िर से सज गए है बाज़ार दिल्ली फ़िर अपनी रफ़्तार से चल पड़ी ह… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 3 weeks ago: फ़िर से लग गई है दुकाने फ़िर से सज गए है ब … more →
विनय wrote 2 months ago: तेरे रेशमी बदन से सरकता है यह दुप्पटा … more →
विनय wrote 8 months ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आ … more →
विनय wrote 8 months ago: मेरी राहों की रेत पर उसके पैरों का निश … more →
विनय wrote 10 months ago: ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल की थ … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं वो आग हूँ जो लग जाऊँ तो जंगल का तिनक … more →