Blogs about: आचरण

Featured Blog

विदुर नीति-जैसे दिल में ख्याल होते हैं वैसे ही बनता है नज़रिया

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: द्वेषो न साधुर्भवति न मेधावी न पण्डित। प्रिये शुभानि कार्याणि द्वेष्ये पापानि चैव ह।। हिंदी में भावा … more →

Tags: हिन्दी, आध्यात्म, Internet, Blogging, web duniya, web dunia, web nayi duniya, web bhasakar, web panjab kesari

'मेरे पास बस प्यार है' -hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: प्रेमी अपनी प्रेमिका का हाथ माँगने  उसकी  माँ के पास पहुँचा  तब वह गुस्से में बोली ‘तुम्हारे प … more →

Tags: Art, अभिव्यक्ति, कविता, क्षणिका, बिंब-प्रतिबिंब, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, शायरी, शेर-ओ-शायरी

चिडी के बादशाह और हुकुम के गुलाम

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उस आदमी ने मशहूर लेखक  पर अनेक पत्थर फैंके हर बार यही कहता कि  ‘यह तेरे उन शब्दों का बदला है … more →

Tags: Blogroll, hindi, inglish, हिन्दी, Dashboard, sher-o-shayree, कविता, shayree, शेर-ओ-शायरी

पुरस्कार ऐसे ही नहीं मिल जाते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   मन्त्री जी ने मीटिंग में अपने सचिव से कहा’- इस बार के वार्षिक पुरस्कार के लिये ऐसे लेखक का … more →

Tags: Blogroll, Public Blog, inglish, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, sher-o-shayree, शेर-ओ-शायरी, दृष्टिकोण

सच्चे भक्त बहकावे में नहीं आते

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कोई भी धर्म अपने अनुयायियों के विश्वास के बिना नहीं चल सकता , और उसके मुखिया अपना प्रभुत्व जमाने क … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, dharm, कविता, inglish, नज़रिया

गंदगी के ढेर भी काम आते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   शहर में गंदगी के ढेर देखकर  अंग्रेज पर्यटक ने स्थानीय  गाइड से पूछा -’ हमने सुना है जब हमार … more →

Tags: vews, hindi, देश-दुनिया, Public Blog, inglish, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, sher-o-shayree

पद, पैसा और प्रतिष्ठा

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:   पैसा है तो पाने के लिये प्यार है पद है तो खाने के लिये पकवान है प्रतिष्ठा है तो पहचान है   राजा ह … more →

Tags: Blogroll, hindi, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard, sher-o-shayree, कविता

दूसरों के हंसने का भय

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जो दूसरे का दिल दुखाकर  अपने अपनी लिये सुख का अंबार  लगाते हैं  वही अपनी जिंदगी की नाव  दु:ख की मझ … more →

Tags: inglish, हिन्दी, shayree, शेर-ओ-शायरी, दृष्टिकोण, शायरी, बिंब-प्रतिबिंब, चरित्र, व्यंग्य

यह है 'लेट संस्कृति'

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago:    ऐसा लगता है कि हमने पाश्चात्य सभ्यता को अपनाया पर कुछ लेट हो गये और यही कारण है कि कहीं न तो स्व … more →

Tags: Blogroll, vews, hindiblogroll, hindi, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard, Global Dashboard

वाह रे बाज़ार तेरा खेल-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वाह रे बाज़ार तेरा खेल मैदान में पिटे हीरो को कागज और फिल्म पर चमकाकर और सजाकर जनता के बीच देता है ठ … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, हिंदी, देश-दुनिया, देश-विदेश, Public Blog, inglish, feature blog

तुम्हारा अंतर्मन नहीं तो और कौन है-hindi shayri

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आँखें देखतीं हैं कान सुनते हैं और जीभ का काम है बोलना पर जो पहचान करे सुनकर जो गुने और जो श्रीमुख से … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, देश-दुनिया, देश-विदेश, Public Blog, inglish, feature blog, हिन्दी

बच गया हेरी पॉटर

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बच गया हेरी पॉटर लोग जश्न मनाते हुए किताब खरीदने के लिए दुकानों पर लाईन में खडे हैं अपनी हकीकतों से … more →

Tags: Blogroll, vews, hindi, देश-दुनिया, Public Blog, inglish, feature blog, हिन्दी, Dashboard

जन्म से ही नस्लभेद होता है शुरू

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जनसँख्या में लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या कम रह गयी है लडकी की भ्रूण में ही ह्त्या की क … more →

Tags: arebic, कविता, चरित्र, ताल-बेताल, दृष्टिकोण, पर्यावरण, प्रतिबिंब, बिंब-प्रतिबिंब, विचार

अपनों से क्यों होते जा रहे हैं पराए

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आजकल जिसे देखो अपने लोगों-यानी अपने रिश्तेदारों , परिचितों, मित्रों और परिवार -पर यकीन नहीं करता । … more →

Tags: anugoonj, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिन्तन, ताल-बेताल, दृष्टिकोण, प्रतिबिंब

‘विहिप’ का ‘फरमान’ - असुरक्षा की सार्वत्रिक भावना 2 comments

योगेन्द्र wrote 7 months ago: (नवंबर २० की पोस्ट के आगे) वस्तुतः तथाकथित धर्मरक्षकों की चिंता धर्म को परिभाषित करने और उसमें जनसमु … more →

Tags: देश, भारत, जनसंख्या, धर्म, नैतिकता, धार्मिक संगठन, भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यक, परिवार नियोजन

‘विहिप’ का ‘फरमान’ - क्या अर्थ है धर्म का? 1 comment

योगेन्द्र wrote 7 months ago: (नवंबर 2 की पोस्ट के आगे) करीब दो सप्ताह पहले मैंने ‘विहिप’ के ‘फरमान’, (उसे आप आदेश, अनुरोध, सलाह, … more →

Tags: देश, भारत, धर्म, नैतिकता, धार्मिक संगठन, भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यक, परिवार नियोजन, राष्ट्र

हिन्दी, हिन्दू और हिंदुत्व:नए सन्दर्भों में चर्चा (१)

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वन … more →

Tags: हिन्दी, समाज, dharm, धर्म, hindi, प्रचार, hindu, ज्ञान, अध्यात्म

चाणक्य नीति:घी दूध से सींच गया नीम का वृक्ष मीठा नहीं होता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इतने भारी शरीर वाला हाथी छोटे से अंकुश सा वश में किया जाता है. सब जानते हैं की अंकुश परिमाण में हा … more →

Tags: Blogroll, glogbal dashborad, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, Thought, bharat, सूचना, हिंदी साहित्य

संत कबीर वाणी:परमार्थ है पीपल समान

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं क … more →

Tags: Vichar, hindi, glogbal dashborad, Global Dashboard, dharm, अभिव्यक्ति, meadia, संवेदना, साहित्य


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “आचरण”:
Technorati Del.icio.us IceRocket