(नवंबर २० की पोस्ट के आगे) वस्तुतः तथाकथित धर्मरक्षकों की चिंता धर्म को परिभाषित करने और उसमें जनसमुदाय को संलग्न होने की प्रेरणा देना नहीं है । जो मैं देखता आ रहा हूं उसके अनुसार धर्म अपना असली अर्थ … more →
इंडिया बनाम भारतदीपक भारतदीप wrote 6 months ago: द्वेषो न साधुर्भवति न मेधावी न पण्डित। प्रिये शुभानि कार्याणि द्वेष्ये पापानि चैव ह।। हिंदी में भावा … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: प्रेमी अपनी प्रेमिका का हाथ माँगने उसकी माँ के पास पहुँचा तब वह गुस्से में बोली ‘तुम्हारे प … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: उस आदमी ने मशहूर लेखक पर अनेक पत्थर फैंके हर बार यही कहता कि ‘यह तेरे उन शब्दों का बदला है ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: मन्त्री जी ने मीटिंग में अपने सचिव से कहा’- इस बार के वार्षिक पुरस्कार के लिये ऐसे लेखक का न … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कोई भी धर्म अपने अनुयायियों के विश्वास के बिना नहीं चल सकता , और उसके मुखिया अपना प्रभुत्व जमाने के … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: शहर में गंदगी के ढेर देखकर अंग्रेज पर्यटक ने स्थानीय गाइड से पूछा -’ हमने सुना है जब हमारी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पैसा है तो पाने के लिये प्यार है पद है तो खाने के लिये पकवान है प्रतिष्ठा है तो पहचान है राजा हो … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जो दूसरे का दिल दुखाकर अपने अपनी लिये सुख का अंबार लगाते हैं वही अपनी जिंदगी की नाव दु:ख की मझधा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: ऐसा लगता है कि हमने पाश्चात्य सभ्यता को अपनाया पर कुछ लेट हो गये और यही कारण है कि कहीं न तो स्वय … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: वाह रे बाज़ार तेरा खेल मैदान में पिटे हीरो को कागज और फिल्म पर चमकाकर और सजाकर जनता के बीच देता है ठ … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: आँखें देखतीं हैं कान सुनते हैं और जीभ का काम है बोलना पर जो पहचान करे सुनकर जो गुने और जो श्रीमुख से … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बच गया हेरी पॉटर लोग जश्न मनाते हुए किताब खरीदने के लिए दुकानों पर लाईन में खडे हैं अपनी हकीकतों से … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जनसँख्या में लड़कों के अनुपात में लड़कियों की संख्या कम रह गयी है लडकी की भ्रूण में ही ह्त्या की कहा … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: (नवंबर २० की पोस्ट के आगे) वस्तुतः तथाकथित धर्मरक्षकों की चिंता धर्म को परिभाषित करने और उसमें जनसमु … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: (नवंबर 2 की पोस्ट के आगे) करीब दो सप्ताह पहले मैंने ‘विहिप’ के ‘फरमान’, (उसे आप आदेश, अनुरोध, सलाह, … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वनि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.इतने भारी शरीर वाला हाथी छोटे से अंकुश सा वश में किया जाता है. सब जानते हैं की अंकुश परिमाण में हा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पुरानी धरोहर के विभाग में मची थी खलबली क्योंकि सर्वेसर्वा ने आजादी के दिन ऐक कार्यक्रम में कहा था ईम … more →