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वक्त किसका हुआ बोलो ...16 comments

Gayatri wrote 5 months ago: वक़्त किसका हुआ बोलो वक्त ने साथ किसका दिया न वो माझी का हो पाया न होगा आते कल का ….. * वक़्त … more →

Tags: कविता, वक्त

आज फिर मन उदास है, 1 comment

Nidhi KM wrote 6 months ago: आज फिर मन उदास है, कोई अपना नही पास है…               चल रही हूँ जिन रहो मे,               कभी … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अपना, आँधियारों, आदत, आस, उदास, कभी, काँटे

आज का दिन कैसा बीतेगा1 comment

aspundir wrote 8 months ago: आज का दिन कैसा बीतेगा पंचांग से वर्त्तमान नक्षत्र ज्ञात करें। फिर  दिए गये चक्र के समान एक चक्र बनाय … more →

Tags: Astrology-ज्योतिष, दिन, कैसा, नक्षत्र

क्यों बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता3 comments

विनय wrote 1 year ago: क्यों? बेशर्म क़तरा-क़तरा ज़हन नहीं ढलता क्यों? मुझे बेक़रारियों से क़रार नहीं मिलता क्यों? ढल रहा हूँ दि … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़हन, इश्क़, Love, Mind, प्यार, कोशिश, मोहब्बत, क़रार

आज है वो कुछ उदास उदास से...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आज है वो कुछ उदास उदास से न जाने क्यों नही दे देते ये उदासी मुझे वो आज है वो कुछ रूठे रूठे से न जाने … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, उदास, रूठे, उदासी

आज तक उन खुशबुओं का सिलसिला तोड़ा नहीं6 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: आज तक उन खुशबुओं का सिलसिला तोड़ा नहीं दिल अपना जलाया मगर उसका दिल तोड़ा नहीं तुम भी देके देख लो, ग़म स … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, apr 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

आज तक जो भी हुआ प्रस्तावना है4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: आपको अब भी बहुत कुछ देखना है आज तक जो भी हुआ प्रस्तावना है चाँद तक जाने की राहें खोज लीं दिल से दिल … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, apr 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

उसकी गली में देख तो मुझे आज मेरा पता मिला4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: उसकी गली में देख तो मुझे आज मेरा पता मिला दैरोहरम भटका किया, दिलेबेख़बर में खुदा मिला जिस मोड़ से मै ब … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Mar 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

आज तक समझा नहीं मै क्यों गया तू छोड़कर2 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: आज तक समझा नहीं मै क्यों गया तू छोड़कर क्या कमी थी प्यार में रिश्ते गया सब तोड़कर देख तू आ के ज़रा मेरी … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Feb 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

दिल के तलबखाने में आज कैसी शकेबाई सी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल के तलबखाने में आज कैसी शकेबाई सी है कोई साज़ नहीं है कानों में शहनाई सी है हाय तमाशा क्या लगा है … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Feb 2008, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए

Rohit Jain wrote 1 year ago: चले हैं आज ज़माने को आज़माये हुए ये देखो खून में अपने ही हम नहाये हुए न जाने मुझको हुआ कौन सा मक़ाम हास … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, NOV 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों

Rohit Jain wrote 1 year ago: इन्सां भी हो गये हैं ख़ुदा आज दोस्तों ये है मोहब्बत का सिला आज दोस्तों ना इश्क़ ना इख़लास ना उम्मीद ना … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, हो, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

अश्क़ गिनता है मेरे आज मुनाफ़े की तरह

Rohit Jain wrote 1 year ago: अश्क़ गिनता है मेरे आज मुनाफ़े की तरह ज़िंदगी आँखों से गुज़रती है जनाज़े की तरह आज वो ही दर मुझे लगता है … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

आज भी थोड़ा सा पढ़ के छोड़ दिया है

Rohit Jain wrote 1 year ago: आज भी थोड़ा सा पढ़ के छोड़ दिया है ज़िंदगी का एक और सफ़हा मोड़ दिया है आज फिर सोचा के चुन लूँ ख़ार कुछ नये … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Aug 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

दिल से आज दिल का फ़ासला हो गया

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल से आज दिल का फ़ासला हो गया मै ज़िंदगी से और आशना हो गया दोस्तों का इखलास परखने जो चला मै दुश्मनों … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Jun 2007, हो, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

उसकी गली में यारों आज उससे सामना है

Rohit Jain wrote 1 year ago: उसकी गली में यारों आज उससे सामना है कहीं हाथ से ना जाये इस जाँ को थामन है पहले तो इस जहाँ ने हँसना ब … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Mar 2007, में, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

लाइव इन पाकिस्तान - वो कागज़ की कश्ती1 comment

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →

Tags: Aaj, Aid of Mehdi Hasan, जगजीत सिंह, पाकिस्तान, लाइव, लाइव इन पाकिस्तान, वो कागज़ की कश्ती, Charity, Concert

रिश्ता ये कैसा है नाता ये कैसा है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: रिश्ता ये कैसा है नाता ये कैसा है, पहचान जिस से नहीं थी कभी, अपना बना है वही अजनबी, रिश्ता ये कैसा ह … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, Aaj, गज़ल, Movies, Hmv, film

फिर आज मुझे तुमको

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: फिर आज मुझे तुमको बस इतना बताना है, हँसना ही जीवन है हँसते ही जाना है, मधुबन हो या गुलशन हो पतझड़ हो … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, Aaj, गज़ल, Movies, Hmv, film


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