नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- धनहीनो न हीनश्च धनिकः स सुनिश्चयः। विद्यारत्नेद यो हीनः स हीनः सर्ववस्तुष।। हिंदी में भावार्थ- धन से रहित व्यक्… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- धनहीनो न ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: एक दिन घूमते हुए उसने चाय पिलाई तब वह अच्छा लगा कुछ दिन बाद वह मिला तो उसने पैसे उधार मांगे तब वह बु … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: हम यूं तन्हा नही रह जाते अगर उस भीड़ में शामिल होते। सभी चले जा रहे थे उम्मीदों के गीत गा रहे थे हमने … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: उसने पूछा ‘क्या तुम बुरे आदमी हो‘ जवाब मिला ‘कभी अपने काम से कुछ सोचने का अवसर ही नहीं मिला इसलिये क … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ‘एक के तीन’, और ‘दो के छह’ की आवाज कहीं भी सुन लें तो हम भारतीयों के कान खड़े हो जाते हैं यह सोचकर कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बड़े आदमी बनने के लिये सभी इंसान जूझ रहे हैं सदियां बीत गयी हैं पर कौन छोटा है या बड़ा सभी इस पहली स … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अपनी कलम से कागज पर काली स्याही से जूता शब्द बार बार इस तरह न सजाओ कि आकाश से झुंड के झुंड बरसने लगे … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: वैलंटाईन डे की चर्चा आजकल सुर्खियों में हैं। इसका कुछ लोग विरोध करते हैं तो कुछ नारी स्वतंत्रता के न … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जूते का उपयोग सभी लोग पैर में पहनने के लिये करते हैं इसलिये उसकी अपनी कोई इज्जत नहीं है। हमारे देश म … more →
दीपक भारतदीप wrote 12 months ago: एक दिन घूमते हुए उसने चाय पिलाई तब वह अच्छा लगा कुछ दिन बाद वह मिला तो उसने पैसे उधार मांगे तब वह बु … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दनदनाता आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू, आज मिल गया तुम्हारे हिट होने का मंतर अपने फ्लाप होने का दर्द … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: उसने कल मेरा इसी ब्लाग पर लिखा गया आलेख पढ़ा और इसलिये उसने उसकी कापी नहीं की क्योंकि इसमें उसी पर आ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हर आदमी चाहता है कि उसे काम के बोझ से छुटकारा मिले, वह थोड़ा निश्चिंत रहे। निश्चिंतता को लेकर भी हर … more →
Amit wrote 1 year ago: कल रात यूँ ही एमटीएनएल (MTNL) प्लेट्यून वेबसाइट देख रहा था कि कोई ढंग का गाना वहाँ आ गया हो तो उसको … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: धनि रहीम जल पंक को लघु जिय पिअत अघाय उदधि बढ़ाई कौन है जगत पिआसो जाय जाय संत रहीम जल के महत्व का ब … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जंगल के राजा शेर को उसके खुफिया प्रमुख सियार भाया ने दी खबर ‘महाराज आपके खिलाफ पूरे … more →