दिल को उनके आने की उम्मीद सी है कुछ करम हो जाने की उम्मीद सी है हाथ में जाम लिये बैठा हूँ आँखों से मैख़ाने की उम्मीद सी है धूप में जलता है सारा आलम ज़ुल्फ़ के छा जाने की उम्मीद सी है आँख खुलती नहीं देखकर… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल को उनके आने की उम्मीद सी है कुछ करम हो जाने की उम्मीद सी है हाथ में जाम लिये बैठा हूँ आँखों से म … more →