प्रदर्शन की लालसा या प्रवृत्ति प्रायः हर मनुष्य के व्यक्तित्व का एक खास पहलू होता है । मैं इसे एक हानिकारक कमजोरी के रूप में देखता हूं, क्योंकि मानव समाज की कई समस्याओं का मूल इसी में देखा जा सकता है … more →
जिंदगी बस यही हैयोगेन्द्र जोशी wrote 3 weeks ago: प्रदर्शन की लालसा या प्रवृत्ति प्रायः हर मनुष्य के व्यक्तित्व का एक खास पहलू होता है । मैं इसे एक हा … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: रेलगाड़ी से यात्रा करना कभी-कभी असामान्य अनुभव दे जाता है, ऐसे अनुभव जो कभी आनंदित कर जाता है तो कभी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: इस समय मैं अमेरिका की ‘सांता क्लारा’ नगरी में हूं, करीब एक माह के प्रवास पर । यह स्थान कैलिफोर्निया … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: जातीय मानसिकता हमारे हिंदू समाज की विशेषता कही जाती है, एक ऐसी विशेषता जिस पर गर्व नहीं किया जा सकता … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: पूर्वाह्न का समय है । मैं सागभाजी खरीदने निकल पड़ता हूं घर से । मेरे घर से कोई तीनएक सौ मीटर की दूरी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: यह वाकया करीब पच्चीस वर्ष पुराना है । तब मैं सपरिवार द्विवर्षीय उच्चानुशीलन (हायर स्टडीज) हेतु इंग्ल … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: मेरे घर के सामने सड़क के उस पार पांच सगे भाइयों के अपने-अपने परिवार रहते हैं । सुनने में आता है कि पै … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 6 months ago: पूरे एक माह के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है । सायं पांच बजे पंचम चरण का मतदान भी संप … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: आम तौर पर लोग किसी व्यक्ति के बारे में बहुत सोच-विचार कर अपनी धारणा नहीं बनाते हैं । बहुधा वे अपरिपक … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: एक बार अपने प्रातःकालीन वार्तापत्र में मुझे बुद्धिजीवियों की किसी गोष्ठी के बारे में समाचार पढ़ने को … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: मेरा एक सवाल है: अगर आपको राह चलते कोई व्यक्ति मिल जाये जो आपसे किसी प्रकार की मदद मांगने लगे, तब आप … more →
Nitin Bagla wrote 10 months ago: कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: अपने देशवासियों की एक विचित्र आदत मुझे सदैव से ही विचलित करती रही है । यह आदत है अपने अनुचित कार्यों … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: मेरे शहर वाराणसी से दस-बारह किलोमीटर दूर एक गैरसरकारी संगठन द्वारा संचालित संस्था है, जिसमें उन बच्च … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: मेरा एक दांत कीड़ा लगने से खराब हो रहा था । मैं उसके इलाज के लिए पास के दंत-चिकित्सक के पास गया । मुझ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: परसों के हिन्दी दैनिक समाचारपत्र, ‘हिन्दुस्तान’ (वाराणसी संस्करण, १० दि. २००८), के मुखपृष्ठ के शीर्ष … more →