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Blogs about: आपबीती

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प्रतिष्ठा का सवाल: खरीदारी महंगी कार की2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 3 weeks ago: प्रदर्शन की लालसा या प्रवृत्ति प्रायः हर मनुष्य के व्यक्तित्व का एक खास पहलू होता है । मैं इसे एक हा … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, संपन्नता, लघु कथा, Short Story, दिखावे की मानसिकता

आरक्षित रात्रिकालीन रेलयात्रा और तिथि-वार का भ्रम 3 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: रेलगाड़ी से यात्रा करना कभी-कभी असामान्य अनुभव दे जाता है, ऐसे अनुभव जो कभी आनंदित कर जाता है तो कभी … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, हिंदी साहित्य, Short Stories, रेल यात्रा, लघुकथा, Hindi Literature, railway journey

टेलीफोन नंबर 911 और पुलिस4 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: इस समय मैं अमेरिका की ‘सांता क्लारा’ नगरी में हूं, करीब एक माह के प्रवास पर । यह स्थान कैलिफोर्निया … more →

Tags: अनुभव, किस्सा, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, सांता क्लारा, कार्यसंस्कृति, आपात्कालीन सेवा, Emergency Services

जातीय अभिमान का एक उदाहरण1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: जातीय मानसिकता हमारे हिंदू समाज की विशेषता कही जाती है, एक ऐसी विशेषता जिस पर गर्व नहीं किया जा सकता … more →

Tags: अनुभव, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, जातीय मानसिकता, धर्मांतरण, राजपूत मुसलमान, सामाजिक भेदभाव

एक अनुभव यह भी, सब्जीसट्टी में

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: पूर्वाह्न का समय है । मैं सागभाजी खरीदने निकल पड़ता हूं घर से । मेरे घर से कोई तीनएक सौ मीटर की दूरी … more →

Tags: अनुभव, लघुकथा, किस्सा, हिंदी साहित्य, Short Stories, भुट्टा, सब्जीसट्टी, सागसब्जी, Corn

कितना अंतर है उनमें और हममें ! - किस्सा ड्राइविंग लाइसेंस का1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: यह वाकया करीब पच्चीस वर्ष पुराना है । तब मैं सपरिवार द्विवर्षीय उच्चानुशीलन (हायर स्टडीज) हेतु इंग्ल … more →

Tags: अनुभव, किस्सा, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, इंग्लैंड, England, ड्राइविंग लाइसेंस, driving license

मेरे घर के सामने रहते हैं जो

योगेन्द्र जोशी wrote 4 months ago: मेरे घर के सामने सड़क के उस पार पांच सगे भाइयों के अपने-अपने परिवार रहते हैं । सुनने में आता है कि पै … more →

Tags: किस्सा, जनसंख्या, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Population, Short Stories, आबादी, रूढ़िवादि, Traditional

नस्ली भेदभाव का एक छोटा-सा अनुभव1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →

Tags: अनुभव, किस्सा, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, जातिवाद, Casteism, नस्ली भेदभाव

एक दुःस्वप्न - राजनीति में सत्ता, सत्ता पर कब्जा, कब्जे की राजनीति

योगेन्द्र जोशी wrote 6 months ago: पूरे एक माह के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है । सायं पांच बजे पंचम चरण का मतदान भी संप … more →

Tags: अंग्रेजी, कहानी, लघुकथा, हिंदी साहित्य, दुःस्वप्न, राजनीति, Politics, लोकसभा चुनाव, Parliamentary Elections

आत्महत्या क्यों की होगी उस छात्रा ने?

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, आत्महत्या, प्रतिस्पर्धा, सल्फास, हीनभावना

सिगरेट पीने की आदत छुड़ा दी एक सपने ने 2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, किस्सा, धूम्रपान, नशा, बेंगलुरु, सपना, सिगरेट

किसी को धूर्त कह देना उचित नहीं1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: आम तौर पर लोग किसी व्यक्ति के बारे में बहुत सोच-विचार कर अपनी धारणा नहीं बनाते हैं । बहुधा वे अपरिपक … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, किस्सा, ज्योतिषी, धूर्त, मकान मालिक

जातिबोध: समाज का एक सच यह भी

योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: एक बार अपने प्रातःकालीन वार्तापत्र में मुझे बुद्धिजीवियों की किसी गोष्ठी के बारे में समाचार पढ़ने को … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, किस्सा, मानसिकता, जाति, जातिनाम, शिक्षण संस्था

चेन्नै में मदद मांगता मिला एक परिवार1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: मेरा एक सवाल है: अगर आपको राह चलते कोई व्यक्ति मिल जाये जो आपसे किसी प्रकार की मदद मांगने लगे, तब आप … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, यात्रा, चेन्नै, पर्यटन, मराठी, माणूस

रेल के स्लीपर डब्बों में 'अतिरिक्त सीट' पर एक सर्वेक्षण4 comments

Nitin Bagla wrote 10 months ago: कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा … more →

Tags: यात्रा, Travel

बैंक अधिकारी का कुतर्क: विलंब का औचित्य

योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: अपने देशवासियों की एक विचित्र आदत मुझे सदैव से ही विचलित करती रही है । यह आदत है अपने अनुचित कार्यों … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, किस्सा, प्रशासन, कार्यसंस्कृति, बैंक, विश्वविद्यालय

पालनकर्त्री मां का स्थान जन्मदात्री के ऊपर होता है 1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: मेरे शहर वाराणसी से दस-बारह किलोमीटर दूर एक गैरसरकारी संगठन द्वारा संचालित संस्था है, जिसमें उन बच्च … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, किस्सा, गैरसरकारी संगठन, भावना, मदर, मां, लालन-पालन

अपनाओ भ्रष्ट तरीका और कमाओ पैसा1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: मेरा एक दांत कीड़ा लगने से खराब हो रहा था । मैं उसके इलाज के लिए पास के दंत-चिकित्सक के पास गया । मुझ … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, भ्रष्टाचार, किस्सा, भौतिकवाद, अस्पताल, एक्स-रे

बच गयी वह बस दुर्घटनाग्रस्त होने से !

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: परसों के हिन्दी दैनिक समाचारपत्र, ‘हिन्दुस्तान’ (वाराणसी संस्करण, १० दि. २००८), के मुखपृष्ठ के शीर्ष … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, किस्सा, ड्राइबर, दुर्घटना, बस, यात्रा, समाचारपत्र हिन्दुस्


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