Blogs about: आपबीती

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नस्ली भेदभाव का एक छोटा-सा अनुभव1 comment

योगेन्द्र wrote 2 weeks ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →

Tags: अनुभव, किस्सा, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, Short Stories, जातिवाद, नस्लवाद, नस्ली भेदभाव

एक दुःस्वप्न - राजनीति में सत्ता, सत्ता पर कब्जा, कब्जे की राजनीति

योगेन्द्र wrote 1 month ago: पूरे एक माह के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है । सायं पांच बजे पंचम चरण का मतदान भी संप … more →

Tags: अंग्रेजी, कहानी, लघुकथा, हिंदी साहित्य, दुःस्वप्न, राजनीति, लोकसभा चुनाव, Parliamentary Elections, Politics

आत्महत्या क्यों की होगी उस छात्रा ने?

योगेन्द्र wrote 2 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, हिंदी साहित्य, आत्महत्या, प्रतिस्पर्धा, सल्फास, हीनभावना

सिगरेट पीने की आदत छुड़ा दी एक सपने ने 2 comments

योगेन्द्र wrote 2 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, लघुकथा, धूम्रपान, नशा, बेंगलुरु, सपना, सिगरेट

किसी को धूर्त कह देना उचित नहीं1 comment

योगेन्द्र wrote 3 months ago: आम तौर पर लोग किसी व्यक्ति के बारे में बहुत सोच-विचार कर अपनी धारणा नहीं बनाते हैं । बहुधा वे अपरिपक … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, लघुकथा, ज्योतिषी, धूर्त, मकान मालिक

जातिबोध: समाज का एक सच यह भी

योगेन्द्र wrote 3 months ago: एक बार अपने प्रातःकालीन वार्तापत्र में मुझे बुद्धिजीवियों की किसी गोष्ठी के बारे में समाचार पढ़ने को … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, मानव व्यवहार, लघुकथा, जाति, जातिनाम, मानसिकता, शिक्षण संस्था

चेन्नै में मदद मांगता मिला एक परिवार1 comment

योगेन्द्र wrote 4 months ago: मेरा एक सवाल है: अगर आपको राह चलते कोई व्यक्ति मिल जाये जो आपसे किसी प्रकार की मदद मांगने लगे, तब आप … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, चेन्नै, पर्यटन, मराठी, माणूस, यात्रा

रेल के स्लीपर डब्बों में 'अतिरिक्त सीट' पर एक सर्वेक्षण4 comments

Nitin Bagla wrote 5 months ago: कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा … more →

Tags: यात्रा, Travel

बैंक अधिकारी का कुतर्क: विलंब का औचित्य

योगेन्द्र wrote 5 months ago: अपने देशवासियों की एक विचित्र आदत मुझे सदैव से ही विचलित करती रही है । यह आदत है अपने अनुचित कार्यों … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, किस्सा, प्रशासन, कार्यसंस्कृति, बैंक, विश्वविद्यालय

पालनकर्त्री मां का स्थान जन्मदात्री के ऊपर होता है 1 comment

योगेन्द्र wrote 6 months ago: मेरे शहर वाराणसी से दस-बारह किलोमीटर दूर एक गैरसरकारी संगठन द्वारा संचालित संस्था है, जिसमें उन बच् … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, लघुकथा, गैरसरकारी संगठन, भावना, मदर, मां, लालन-पालन

अपनाओ भ्रष्ट तरीका और कमाओ पैसा1 comment

योगेन्द्र wrote 6 months ago: मेरा एक दांत कीड़ा लगने से खराब हो रहा था । मैं उसके इलाज के लिए पास के दंत-चिकित्सक के पास गया । मुझ … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, भ्रष्टाचार, किस्सा, भौतिकवाद, अस्पताल, एक्स-रे

बच गयी वह बस दुर्घटनाग्रस्त होने से !

योगेन्द्र wrote 7 months ago: परसों के हिन्दी दैनिक समाचारपत्र, ‘हिन्दुस्तान’ (वाराणसी संस्करण, १० दि. २००८), के मुखपृष्ठ के शीर् … more →

Tags: अनुभव, कहानी, लघुकथा, किस्सा, ड्राइबर, दुर्घटना, बस, यात्रा, समाचारपत्र हिन्दुस्

सरकारी नौकरी? न, नहीं करनी!

योगेन्द्र wrote 7 months ago: बात कोई दो दशक पहले की है । तब देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री (स्व. राजीव गांधी) ने कंप्यूटरों और सूचन … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, प्रशासन, लघुकथा, शासन, अध्यापन, आई.ए.एस., आयकर विभाग

स्कूली बच्चे के दो नामः परेशानी अध्यापिका को3 comments

योगेन्द्र wrote 7 months ago: मेरी पत्नी एक प्राथमिक पाठशाला यानी प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका हैं । वह और उनकी साथी अध्यापिकाओं क … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, अध्यापिका, अभिभावक, कापी, गृहकार्य, नाम

मुफ्त की नगर बस सेवा1 comment

योगेन्द्र wrote 8 months ago: घटना सन्‌ २००६ की है जब मैं अमेरिका में प्रवास में रह रहे अपने बेटे से मिलने कैलिफोर्निया राज्य के ए … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, अमेरिका, ऊर्जा जरूरत, ग्लोबल वार्मिंग, नगर बस सेवा, नगरवासी

किस्सा कदाचार की मानसिकता का1 comment

योगेन्द्र wrote 8 months ago: हम हिंदुस्तानी पश्चिम के विकसित देशों के लोगों को भौतिकवादी कहने में तनिक भी नहीं हिचकते हैं, गोया क … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, किस्सा, उच्चानुशीलन, कदाचार, डाकघर, धनांतरण

पोते की अंग्रेजी से खुश दादाजी

योगेन्द्र wrote 8 months ago: देश की राजधानी दिल्ली में अपने अल्पकालिक प्रवास के बाद मेरे एक मित्र घर लौट आये । एक दिन संयोग से रा … more →

Tags: कहानी, लघुकथा, हिन्दी, अंग्रेजी, इंग्लिश, हिंग्लिश, अंतरराष्ट्रीयता, इंटरनैशनल भाषा, एक्सपर्ट

मोल-भाव करना इनकी आदत है

योगेन्द्र wrote 8 months ago: मैं अपने घर से निकल पड़ता हूं सब्जीसट्टी तक जाने के लिए । यह सब्जीसट्टी, जिसे आप लघुतर आकार की सब्जीम … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, आदत, गाहक, ठेला, थोक-व्यापारी, फलवाला

घाटा नहीं नौकरी से निलंबन में

योगेन्द्र wrote 9 months ago: सालों पहले की घटना है यह । तब मैं अपने परिवार के साथ किराये के मकान में रहता था । मेरे मकान-मालिक एक … more →

Tags: अनुभव, कहानी, मानव व्यवहार, लघुकथा, शासन, भ्रष्टाचार, आमदनी, चक्की, निलंबन


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