रात ढलने लगी है सीनों में आग सुलगाओ आबगीनों में दिले उश्शाक की खबर लेना फूल खिलते हैं इन महीनों में . ____________________________ दरबारे वतन में इक दिन सब जाने वाले जायेंगे कुछ अपनी सजा को पहुंचेंगे … more →
दुनिया रोज़ बदलती हैsamayantar wrote 1 year ago: रात ढलने लगी है सीनों में आग सुलगाओ आबगीनों में दिले उश्शाक की खबर लेना फूल खिलते हैं इन महीनों में … more →