ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल-पल सीने में धड़कता क्या है? तेरी आरज़ू म… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 6 months ago: ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल- … more →
विनय wrote 8 months ago: आरज़ू तुम हो मेरी मुझको है पता मैं तो तु … more →
विनय wrote 1 year ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की … more →