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ईमानदारी में गज़ब कैसा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (imandari men gazab- hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: सप्ताह में उस दुकान से एक बार तो बेकरी का सामान जरूर खरीदते हैं। ऐसा बरसों से चल रहा है। वह दुकानदार … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, हास्य व्यंग्य

चाणक्य नीति-संतोष से ही अमृत मिलता है

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: संतोषाऽमृत-तुप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम्। न च तद् धनलूब्धानामितश्चयेतश्च धावताम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, अध्यात्म, ज्ञान, धर्म

योगासन, प्राणायाम, ध्यान और धारणा-हिन्दी लेख (hindi lekh on yogasan)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: प्राचीन भारतीय योग साधना पद्धति की तरफ पूरे विश्व का रुझान बढ़ना कोई अस्वाभाविक घटना नहीं है। आज से द … more →

Tags: अनुभूति, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, E-patrika, Family, Friends

प्रजातंत्र में ब्लॉग की महत्वपूर्ण भूमिका-हिंदी लेख (democracy and hindi blog-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या सात करोड़ से ऊपर है-इसका सही अनुमान कोई नहीं दे रहा। कई लोग इस … more →

Tags: Anubhuti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, साहित्य, सृजन

संत कबीरदास-धर्म का आशय कौन जानता है (dharm ka ashaya-kabirdas ji

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: कहै हिन्दु मोहि राम पिआरा, तुरक कहे रहिमाना। आपस में दोऊ लरि-लरि मुए, मरम न कोऊ जाना।।संत शिरोमणि कब … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm, कला

भर्तृहरि नीति शतक-धन की ऊष्मा से रहित मनुष्य क्या रह जाता है (heat of money-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि  ————————— … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, सन्देश, समाज, हिन्दी

दूसरी किताब-हास्य व्यंग्य (doosri kitab- hindi hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: बुद्धिजीवियों का सम्मेलन हो रहा था। अनेक प्रकार के बुद्धिजीवियों को उसमें आमंत्रण दिया गया। यह सम्मे … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, हास्य व्यंग्य, हिंदी साहित्य

अन्न की तरह धन पचने का भी मंत्र हो तो अच्छा-हिंदी हास्य व्यंग्य (hasya vyangya in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: उस दिन एक संत को हमने पेट में अन्न पचाने का मंत्र बताते हुए सुना। वह सुबह, दोपहर और रात को भोजन करने … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, सूचना, हास्य व्यंग्य, bhaarat

असली नकली पुरस्कार-हिंदी हास्य व्यंग्य (hindi comedy satire on prize)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज सेवाध्यक्ष जी ने अपनी बाहें टेबल पर टिकाई अपना मूंह हथेलियों पर रखने को बाद अपने सात सभासदों की … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, इनाम, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भाषा, मस्तराम

यह स्वयंवर-हिंदी हास्य व्यंग (the swyanvar-hindi vyang

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जहां तक भारत की स्वयंवर परंपराओं से जुड़ी कथाओं की हमें जानकारी है तो उसके नायक नायिका तो नयी उम्र के … more →

Tags: चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, सूचना, हास्य व्यंग्य

मनु स्मृति-योग्य आदमी से अच्छे संबंध बनाएं (manu smriti-yogya admi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते है कि ——————————— … more →

Tags: अध्यात्म, कला, मनोरंजन, मस्तराम, समाज, हिन्दी, bharat, Chanakya, chankya

वैश्विक काल में हिन्दी और पुराने आधार-हिंदी लेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: तीस साल तक एक प्रतिष्ठित सम्मान समारोह के निर्णायक मंडल में रहे एक माननीय लेखक ने जब यह रहस्योद्घाटन … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, मठाधीश, मनोरंजन

नोबल और ग्लोबल-व्यंग्य आलेख (noble and global-hindi satire)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अमेरिका के राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा को शांति के लिये नोबल पुरस्कार मिलने पर स्वयं उनको ही बहुत बड़ा … more →

Tags: हिन्दी, inglish, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, अनुभूति, हिंदी साहित्य, भाषा

अखबार ने पाठ छापा पर नाम नहीं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हिंदी की सेवा करने का दावा करने वाले बहुत हैं। इनके नाम भी आपने देखे होंगे। यह लोग हिंदी के नाम पर क … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

द्युतक्रीड़ा से पूरा विश्व शिकार-हास्य व्यंग्य (jua ke shikar duniyan

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: राजा नल ने जुआ खेली और उसमें हारने पर राज्य और परिवार त्यागकर वन में जाकर दूसरे की सेवा करनी पड़ी। अत … more →

Tags: हिन्दी, inglish, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, हास्य व्यंग्य, हिंदी साहित्य, Internet, online journalism

चाणक्य दर्शन-जीवन में जागरुकता आवश्यक (chankya darshan in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: गूढ़मैथुनचरित्वं च काले काले संग्रहम्। अप्रमत्तमविश्वासं पंच शिक्षेच्च वायसात्।। हिंदी में भावार्थ-छि … more →

Tags: अध्यात्म, कला, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi Personal, hindi vichar

इन्टरनेट पर अभिव्यक्ति से डरना क्या-हिंदी लेख (internet par hindi-hindi lekh

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: डरते डरते आदमी डरपोक हो जाता है। उसकी यह आदत हो जाती है कि वह राह चलते हुए कोई अन्य आदमी उसकी तरफ दे … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, सूचना, हिंदी साहित्य, हिन्दी

संत कबीर के दोहे-बिना अनुभव के ज्ञान देना अनुचित

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Global Dashboard, hindi abhivyakti


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