मै छोड चुका तो छोड चुका प्रिये प्रेम के इस पथ पर हमको चलना था साथ मगर हो साथ तेरा हो साथ मेरा ये राहे साथ नही देती तन्हा राहो से दर्द भरा संबंध निभाने से अच्छा मै तोड चुका तो तोड चुका जैसे-जैसे सांसे… more →
वाणीalokbanaita wrote 5 months ago: मै छोड चुका तो छोड चुका प्रिये प्रेम के इस पथ पर हमको चलना था साथ मगर हो साथ तेरा हो साथ मेरा ये राह … more →
aashcool198 wrote 10 months ago: ओ रे नीरे ! आज मचल जा कि अब अंतस में तेरे भाव की लहरें उठेंगी स्वप्न के संचार होंगे और इस नीरस धरा प … more →
alokbanaita wrote 10 months ago: संत जेवियर मुंबई के सालाना जलसे मल्हार की हिंदी प्रतियोगिता में आई.आई.टी. की टीम प्रथम आयी. याद के त … more →
alokbanaita wrote 11 months ago: रातो को मैं सपने तेरे बुनता हूँ मन ही मन मैं यादे तेरी गुनता हूँ रातो को मैं सपने तेरे बुनता हूँ … more →
vikash wrote 1 year ago: मैं मूक कवि हूँ ,मूक कवि मैं कह नही सकता भावो को इसलिये उकेरता रहता हूँ कागज़ पर डगमग नावों को || मै … more →
vikash wrote 1 year ago: धूप में किसी पेड की छाया को कहते मित्रता, ईश के हाथो बनी काया को कहते मित्रता || ग़र निराशा आ भी जा … more →