श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर, जगत उजागर गाइये। श्री वल्लभ के चरण कमल की, बलि बलि बलि बलि जाइये॥१॥ वल्लभ सृष्टि समाज संग मिल, जीवन को फल पाइये । श्री वल्लभ गुण गाइये, जा हि ते रसिक कहाइये॥२॥… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर, जगत उजागर गाइये। श्री वल्लभ के चरण कमल की, बलि बलि बलि बलि जाइये॥१॥ वल् … more →
pushtimarg wrote 1 year ago: प्रीतम प्रीत ही सों पाइये। यद्यपि रूप गुण शील सुघरता इन बातन न रिझैये॥१॥ सतकुल जन्म कर्म गुण लक्षण व … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर जगत उजागर गाइये । निरख निरख मंगल मुख की छबि बलि बलि बलि बलि जाइये ॥१॥ जि … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: भरोसो श्री वल्लभ ही को भारी। काहे को मन भटकत डोलत, जो चाहे फलकारी ॥१॥ इनको छांड औरन को जे सेवे, सो क … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: आसरो एक दृढ श्री वल्लभाधीश को। मानसी रीत की मुख्य सेवा व्यसन, लोक वैदिक त्याग शरन गोपीश को॥१॥ दीनता … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: भरोसो वल्लभ ही को राखो। सगरे काज सरेंगे छिन में, इन ही के गुन भाखो ॥१॥ निस दिन संग करो भक्तन को, असम … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: चरन कमल बंदौ हरिराई । जाकी कृपा पंगु गिरि लंघे,अंधे को सब कछु दरसाई ॥१॥ बहरो सुने मूक पुनि बोले,रंक … more →
pushtimarg wrote 3 years ago: दृढ इन चरण कैरो भरोसो, दृढ इन चरणन कैरो श्री वल्लभ नख चंद्र छ्टा बिन, सब जग माही अंधेरो । भरोसो … more →