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Blogs about: आश्रय के पद

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श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर

pushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर, जगत उजागर गाइये। श्री वल्लभ के चरण कमल की, बलि बलि बलि बलि जाइये॥१॥ वल् … more →

Tags: रसिक दास

प्रीतम प्रीत ही सों पाइये

pushtimarg wrote 1 year ago: प्रीतम प्रीत ही सों पाइये। यद्यपि रूप गुण शील सुघरता इन बातन न रिझैये॥१॥ सतकुल जन्म कर्म गुण लक्षण व … more →

श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर

pushtimarg wrote 2 years ago: श्री वल्लभ प्रभु करुणा सागर जगत उजागर गाइये । निरख निरख मंगल मुख की छबि बलि बलि बलि बलि जाइये ॥१॥ जि … more →

Tags: महात्म्य, दीनता के पद

भरोसो श्री वल्लभ ही को भारी

pushtimarg wrote 2 years ago: भरोसो श्री वल्लभ ही को भारी। काहे को मन भटकत डोलत, जो चाहे फलकारी ॥१॥ इनको छांड औरन को जे सेवे, सो क … more →

Tags: आश्रय, दीनता के पद, आश्रय महात्म्य दीनत

आसरो एक दृढ श्री वल्लभाधीश को।

pushtimarg wrote 2 years ago: आसरो एक दृढ श्री वल्लभाधीश को। मानसी रीत की मुख्य सेवा व्यसन, लोक वैदिक त्याग शरन गोपीश को॥१॥ दीनता … more →

Tags: महात्म्य, दीनता के पद, आश्रय महात्म्य दीनत, द्वारकेश

भरोसो वल्लभ ही को राखो

pushtimarg wrote 2 years ago: भरोसो वल्लभ ही को राखो। सगरे काज सरेंगे छिन में, इन ही के गुन भाखो ॥१॥ निस दिन संग करो भक्तन को, असम … more →

Tags: महात्म्य, दीनता के पद, आश्रय महात्म्य दीनत

pushtimarg wrote 3 years ago: चरन कमल बंदौ हरिराई । जाकी कृपा पंगु गिरि लंघे,अंधे को सब कछु दरसाई ॥१॥ बहरो सुने मूक पुनि बोले,रंक … more →

Tags: सूरदास जी

दृढ इन चरणन केरो

pushtimarg wrote 3 years ago: दृढ इन चरण कैरो भरोसो, दृढ इन चरणन कैरो श्री वल्लभ नख चंद्र छ्टा बिन, सब जग माही अंधेरो । भरोसो … more →

Tags: राग बिहाग, सूरदास जी


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