विनय wrote 1 year ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मेरे दिल तक पहुँचा ज़ख़्म देकर जो उसका जी न भरा दिल उसका मेरे दि … more →
विनय wrote 1 year ago: जब आसमाँ पे यह हिलाल आया मुझे याद तुमसे विसाल आया जिस शब तारों की बारात आयी मुझे तुम्हारा ही ख़्याल … more →
विनय wrote 1 year ago: हमने आसमाँ से टूटके गिरते सितारे को ज़मीं पे आते देखा है आसमाँ पे था तो चमकता था ज़मीं पे है तो दहकता … more →
विनय wrote 1 year ago: इक चाँद है आसमाँ में रोशन-रोशन दिल में है हर पल इक तड़पन सुन रहा हूँ दीवाने दिल की धड़कन चाँद जो वह … more →
विनय wrote 1 year ago: है दिल मेरा दीवाना तेरा तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा झूमती हवाएँ नशीली फ़िज़ाएँ हाँ यह झूमती हवाएँ और य … more →
विनय wrote 1 year ago: मेरे बचपन की ख़ुशबू मेरे साथ ही चलती है कभी मेरे ख़ाब में कभी किताब में मिलती है कभी पतंगों के साथ आ … more →