मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा ही प्यार है मेरे प्यार को भुला सकोगी, बोलो! आँखों में सपने तेरे जाते नहीं और यह चैन दिल को पहुँचाते … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मैं मर जाऊँ तो अपनी हद से गुज़र जाऊँ तो क्या तुम जी सकोगी, बोलो…! सीने जो एक दिल है इसमें तेरा … more →