इक मौक़ा दो तुम मुझे कि बता सकूँ कितना टूटकर प्यार करता हूँ तुमसे तुम्हें जो चाहिए सब दूँगा मैं प्यार, दिल, जाँ, दौलत सब कुछ शैदाई हूँ तुम्हारे पीछे जान दे भी सकता हूँ और ले भी सकता हूँ तुम मेरी मोहब्ब… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: इक मौक़ा दो तुम मुझे कि बता सकूँ कितना टूटकर प्यार करता हूँ तुमसे तुम्हें जो चाहिए सब दूँगा मैं प्यार … more →