Blogs about: इंटरनेट

Featured Blog

टेलीफोन की हड़ताल का तिलिस्म-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

तंबू फिर तनेगा-त्रिपदम

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: क्यों डरे हो काफिला लुट गया फिर बनेगा। यह तूफान उड़ा ले गया तंबू फिर तनेगा। हार या जीत का चक्र चलता ह … more →

Tags: मस्त राम, शायरी, हास्य, हिन्दी, darshan, Deepak bharatdeep, mast ram, web bhaskar, web dunia

चांदी के कप की खातिर- हास्य व्यंग्य कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, रचना, लेखक, व्यंग्य, हिन्दी

क्यों जंग का बिगुल बजा रहे हो-हिन्दी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कमरों में बंद दौलत लूटकर लुटेरे जा सके यहां से कितनी दूर। उसकी चकाचैंध में रौशनी खो बैठे उनके नूर। अ … more →

Tags: शायरी, व्यंग्य, web dunia, web bhaskar, web navabharat, अभिव्यक्ति, अनुभूति, शब्द, Deepak bharatdeep

संत कबीरदास के दोहे-भगवान के साथ चतुराई मत करो

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सिहों के लेहैंड नहीं, हंसों की नहीं पांत लालों की नहीं बोरियां, साथ चलै न जमात संत शिरोमणि कबीर दास … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दू

रहीम दास के दोहे:स्वार्थ के कारण हुआ प्रेम घटता जाता है 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कविवर रहीम कहते हैं कि ——————- वहै प्रीति नहिं रीति वह, नहीं पाछ … more →

Tags: आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Family, hindi article, India

अपने अरमानों का बोझ ढोने वाला-व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: बड़े आदमी बनने के लिये सभी इंसान जूझ रहे हैं सदियां बीत गयी हैं पर कौन छोटा है या बड़ा सभी इस पहली स … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, दीपक भारतदीप, मस्त राम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, India

कागज़ पर कलम से जूते न सजाओ-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अपनी कलम से कागज पर काली स्याही से जूता शब्द बार बार इस तरह न सजाओ कि आकाश से झुंड के झुंड बरसने लग … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, रचना, हास्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

उनको चैन नहीं आता -हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी … more →

Tags: शब्द, Sher, Shayri, Urdu, दीपक भारतदीप, हिन्दी, Hindi shayri, समाज, हिंदी साहित्य

इन्टरनेट का ताला और पाठ चोर (हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कभी कभी यह मन होता है कि किसी ब्लाग लेखक के लिखे पाठ के विषय पर कुछ हम भी लिखें। इसका कारण यह है कि … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

जुबान में ढूंढते हैं प्यार भरे शब्द-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कहां जाकर दिल बहलायें सभी जगह दर्द का दरिया बहता पायें ढूंढते हैं कुछ हंसते हुए चेहरे और खुश दिल पर … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कविता, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, हिन्दी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep, hindi poet

मस्त राम...............की हिप हुर्र हुर्र1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अपने कुछ ब्लाग/पत्रिका का नामकरण हमने मस्तराम के नाम पर आज कर ही दिया। आज होली का पर्व है और एक लेखक … more →

Tags: अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, व्यंग्य, संपादकीय, साहित्य, हिन्दी

रेल बजट में यात्रियों को तोहफ़ा8 comments

Ajad Panchhi wrote 4 months ago: भारत के रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए सभी श्रेणियों के यात्री भाड़े में … more →

Tags: News

'पाकिस्तान में भी रची गई थी साज़िश'

Praful wrote 4 months ago: पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि मुंबई हमले की साज़िश का कुछ हिस्सा पाकिस्तान में ही रचा गया था. इस म … more →

Tags: News

मधुशाला पसंद है पर मद्यपान नहीं -व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: हिंदी भाषा के महान कवि हरिबंशराय बच्चन ने मधुशाला लिखी थी। अनेक लोगों ने उसे नहीं पढ़ा। कई लोग ऐसे ह … more →

Tags: आलेख, हिंदी, चिन्तन, व्यंग्य, web dunia, web bhaskar, web navabharat, कथा साहित्य, अभिव्यक्ति

हिन्दी पत्रकारिता में अनुवाद: शब्दानुवाद3 comments

योगेन्द्र wrote 8 months ago: (पिछले लेख से आगे) मैंने इस बात की चर्चा की थी कि एनडीटीवी के प्रियदर्शनजी ने तीन शब्दों (वस्तुतः पद … more →

Tags: अंग्रेजी, हिन्दी, अनुवाद, पत्रकारिता, अंतरजाल, फैबुलस फोर, फैब फोर, यूजर फेंडली, पोलिटिकली करेक्ट

हास्य व्यंग्य-अपना अपना राग-hasya vyangya3 comments

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: देश के बुद्धिजीवियों के लिये इस समय कुछ न कुछ लिखने के लिये ऐसा आ ही जाता है जिसमें उनको संकुचित ज्ञ … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, साहित्य, हिंदी साहित्य, edcation, bharat, web duniya

निरर्थक बहसों में उलझे देश के बुद्धिजीवी-चिंतन आलेख

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: देश में आतंक के नाम पर निरंतर हिंसक वारदातें हो रहीं है पर आश्चर्य की बात यह है कि इसे धर्म,जाति,भा … more →

Tags: hindi, inglish, विचार, चिन्तन, व्यंग्य, vyangya, bharat, India, web dunia

ब्रहमाण्ड का रहस्य जानने का प्रयास नाकाम तो होना ही था-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: महामशीन के रूप में चर्चित महादानवीय मशीन का प्रयोग अब रुक गया है। अगर आज के सभ्य समाज में महिमा मंडि … more →

Tags: चिन्तन, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, शब्द, साहित्य, हिंदी साहित्य, bharat, darshan, epatrika


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “इंटरनेट”:
Technorati Del.icio.us IceRocket