Lost your password?

Blogs about: इंटरनेट

Featured Blog

हमदर्दी जताने में कमाई-हिन्दी क्षणिका

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: हमदर्दी जताने की कला हमें कभी नहीं आई किसी का दर्द देखकर मन रोया मन भर आंसु पर आंखें दरिया न बन पाई। … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, bharat, अनुभूति, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, हिन्दी पत्रिका, mast ram, मस्त राम

अपनी रचनाएँ भुनाओ-हास्य कविता (apni rachna-hindi hasya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: श्रृंगार रस का कवि पहुंचा हास्य कवि के पास लगाये अच्छी सलाह की आस और बोला ‘यार, अब यह कैसा जमाना आया … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, India, व्यंग्य, हास्य, अनुभूति, शायरी, दीपक भारतदीप, web dunia

दीपावली का पर्व निकल गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, संपादकीय, darshan, India, व्यंग्य, सन्देश, साहित्य, Deepak bharatdeep

शराब और तंबाकू के नशे के बाद अब इंटरनेट फीवर की गिरफ्त में दुनिया

Shivam Misra wrote 2 months ago: शराब और तंबाकू के नशे के बाद अब एक नए नशे ने दुनिया को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। यह नशा है … more →

Tags: यह है बुरा, साइंस

चाणक्य नीति-कुविचारी नारी से तो कोई साथ न हो अच्छा (chankya niti-kuvichari nari ka sath

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: नीति विशारद चाणक्य महाराज कहते हैं कि ———————— … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, धर्म, शब्द, संस्कार, हिंदी पत्रिका, हिन्दी

नए अवतार का जाल-हास्य व्यंग्य कविता (naye avtar ka jaal-hindi hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: फंदेबाज मिला रास्ते में और बोला ‘चलो दीपक बापू तुम्हें एक सम्मेलन में ले जायें। वहां सर्वशक्तिमान के … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, हास्य व्यंग्य, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, bharat, Deepak bharatdeep, epatrika

ब्लागर सरकार पर एसा वैसा मत लिख देना-हास्य व्यंग्य (hasya vyangya on blogger sarkar)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: सर्दी की सुबह चाय पीने के बाद ब्लागर कोहरे में घर से बाहर निकला। उसका शरीर ठंड से कांप रहा था पर चाय … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, समाज, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

इसलिये सोचना ही बंद-आलेख (mor thinking is not good-hindi lekh)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अखबार में खबर छपी है कि ‘ब्रिटेन ने माना है कि तेल के व्यापार की वजह से बम विस्फोट के एक आरोपी को छो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, लेखक, संपादकीय

‘सविता भाभी’ से मस्त राम पीछे- व्यंग्य आलेख 'savita bhabhi' se pichhe 'mastram'-hindi vyangya article

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: कुछ दिन पहले तक शायद बहुत कम लोग जानते होंगे कि ‘सविता भाभी’ नाम की कोई वेबसाइट होगी जिस पर ‘लोकप्रि … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

टेलीफोन की हड़ताल का तिलिस्म-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →

Tags: inglish, हिन्दी, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, Internet, Education, online jurnalism, web duniya, hindi bharat

तंबू फिर तनेगा-त्रिपदम

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: क्यों डरे हो काफिला लुट गया फिर बनेगा। यह तूफान उड़ा ले गया तंबू फिर तनेगा। हार या जीत का चक्र चलता ह … more →

Tags: मस्त राम, शायरी, हास्य, हिन्दी, darshan, Deepak bharatdeep, mast ram, web bhaskar, web dunia

चांदी के कप की खातिर- हास्य व्यंग्य कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, India, व्यंग्य, अनुभूति, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya

क्यों जंग का बिगुल बजा रहे हो-हिन्दी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कमरों में बंद दौलत लूटकर लुटेरे जा सके यहां से कितनी दूर। उसकी चकाचैंध में रौशनी खो बैठे उनके नूर। अ … more →

Tags: शायरी, व्यंग्य, web dunia, web bhaskar, web navabharat, अभिव्यक्ति, अनुभूति, शब्द, Deepak bharatdeep

संत कबीरदास के दोहे-भगवान के साथ चतुराई मत करो1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: सिहों के लेहैंड नहीं, हंसों की नहीं पांत लालों की नहीं बोरियां, साथ चलै न जमात संत शिरोमणि कबीर दास … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दू

रहीम दास के दोहे:स्वार्थ के कारण हुआ प्रेम घटता जाता है 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कविवर रहीम कहते हैं कि ——————- वहै प्रीति नहिं रीति वह, नहीं पाछ … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, धर्म, India, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar, web jagran

अपने अरमानों का बोझ ढोने वाला-व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: बड़े आदमी बनने के लिये सभी इंसान जूझ रहे हैं सदियां बीत गयी हैं पर कौन छोटा है या बड़ा सभी इस पहली स … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, India, कविता, अनुभूति, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya

कागज़ पर कलम से जूते न सजाओ-व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अपनी कलम से कागज पर काली स्याही से जूता शब्द बार बार इस तरह न सजाओ कि आकाश से झुंड के झुंड बरसने लगे … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अभिव्यक्ति, हास्य, अनुभूति, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya

उनको चैन नहीं आता -हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: जब तक लगे न कहीं आग उनको चैन नहीं आता बुझाने के ठेकेदारों को ज्यादा देर इंतजार नहीं करना होता आदमी अ … more →

Tags: शब्द, Sher, Shayri, Urdu, दीपक भारतदीप, हिन्दी, Hindi shayri, समाज, हिंदी साहित्य

इन्टरनेट का ताला और पाठ चोर (हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: कभी कभी यह मन होता है कि किसी ब्लाग लेखक के लिखे पाठ के विषय पर कुछ हम भी लिखें। इसका कारण यह है कि … more →

Tags: हिन्दी, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, India, व्यंग्य, सन्देश, साहित्य, अनुभूति, Deepak bharatdeep


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS