बंदर चाहे कितना भी बूढ़ा हो जाये गुलाट लगाना नहीं भूलता यही कुछ हालत हम भारतवासियों की है। कोई व्यसन या बुरी आदत बचपन से पड़ जाये तो उससे पीछा नहीं छुड़ा सकते। ऐसी आदतों में क्रिकेट मैच देखना भी शामि… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 6 months ago: एक बात निश्चित है कि धर्म नितांत एक निजी विषय है और उस पर सार्वजनिक विषय पर चर्चा करना केवल एक दिखाव … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: कल की पोस्ट (१६ दिसंबर) में इंडिया, जैसा मैं उसे देखता हूं, की बात मैंने कही थी । अब भारत की बात । भ … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: इंडिया बनाम भारत की हफ्तों पहले (ब्लॉग पोस्टः अक्टूबर ६) आरंभ की गयी चर्चा अधूरी छूट गयी थी । उन पोस … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: संयुक्त राज्य अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति, बराक ओबामा, ने चुनाव परिणाम की घोषणा के तुरंत बाद अ … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: ‘द गार्जियन’ की समीक्षा-पृष्ठ का एक अंश मुझे इस स्थल पर अपने इस मत कि इंडिया भारत नहीं है और दोनों म … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: इस लेखशृंखला की पिछली किस्त में मैंने रेडियो बीबीसी के एक आलेख का जिक्र करते हुए इस बात का खुलासा कि … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: बीबीसी के संदर्भगत आलेख के साथ का चित्र महीनों पहले मुझे बीबीसी के वेबसाइट पर एक आलेख पढ़ने को मिला थ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक महिला ब्लाग लेखिका ने किसी वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल लिखते हुए क्लिक किया होगा। बस उसके संपर्क में … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग से सामग्री लेकर अनुवाद टूल पर चिपकाई। हिंदी में कर उसे पढ़ने का विचार कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैंने कुछ अंग्रेजी ब्लाग के पाठों को हिंदी में अनुवाद कर उन्हें पढ़ा। इसमें कुछ भारतीय लेखकों द्वारा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अभी चल रही प्रतियोगिता में क्रिकेट मैचों के दौरान ‘चीयर गर्ल’ की भूमिका पर अनेक लोग सवाल उठा रहे हैं … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह प्रतिदिन हिट होने के नुस्खे सबको बताएं और शब्दों के डाक्टर कहलाये मरीज पढ़ते नुस्खा जब तक डाक्टर स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हीरो और क्लर्क ऐक ही दिन और ऐक ही समय पर मंदिर में करने दर्शन करने पहुँचे क्लर्क तो रोज वहाँ जाक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: शहर में ऐकता स्थापित करने के लिये आयोजित की गयी बैठक जारी करने के लिये पहले ही तैयार किये … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पहले छोड़ते साँप और फिर पकड़ने के लिये करते दिखते बहुत मशक़्क़त सहज काम ऐसे करते जैसे आ रही भा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्राप्तं न किंचित्फलं त्यकत्वा जातिकुलाभिमानमुचितं सेवा कृता निष्फला। भुक … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: बीते कल ‘मदर्स डे’ था, मई मास का दूसरा रविवार । मीडिया में इसका खूब जिक्र था, खूब प्रचार था । शहरी न … more →
योगेन्द्र wrote 3 months ago: मैं समाचार माध्यमों पर सुनता आ रहा हूं कि लोगों को मतदान करने का लोकतांत्रिक अधिकार मिला है, जिसका उ … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूस … more →