समाज सेवाध्यक्ष जी ने अपनी बाहें टेबल पर टिकाई अपना मूंह हथेलियों पर रखने को बाद अपने सात सभासदों की उपस्थिति देखकर गिनती की। आठवां सदस्य सचिव लेखपालक गायब था। उन्होंने कहा‘-यह सचिव लेखपालक हमेशा ही द… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 month ago: समाज सेवाध्यक्ष जी ने अपनी बाहें टेबल पर टिकाई अपना मूंह हथेलियों पर रखने को बाद अपने सात सभासदों की … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चलने को ताज महल भी चल जाता है हिलने को कुतुबमीनार भी हिल जाता है चांद लाकर यहां भेंट किया जाता है ता … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: बडे-बुजुर्ग कह गये हैं की जितनी सुविधा लोगे उतनी ही जीवन में कठिनाई तुम्हारे सामने आयेगी। जैसे … more →