Lost your password?

Blogs about: इन्कलाब

Featured Blog

चुनाव, राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका … more →

Tags: आह्वान, एंगेल्स, कम्युनिस्ट, क्रांति, पूंजीवादी संकट, बुर्जुआ लोकतंत्र, मार्क्सवाद, समाजवाद, सर्वहारा

गोरखपुर और गुडगाँव के मजदूरों का दमन और बुद्धिजीवी वर्ग की चुप्पी 4 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक तरफ तो उत्तर प्रदेश की सरकार ‘सर्वजन हिताय’ होने का दावा करती है लेकिन दूसरी और इस सर … more →

Tags: आंदोलन, आतंकवाद, आह्वान, उदारीकरण, कम्युनिस्ट, क्रांति, दायित्वबोध, पूंजीवादी संकट, ललकार

आग्नेय अक्टूबर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर बोल्शेविकों ने विद्रोह की ज़ोरदार तैयारियाँ शुरू कीं। लेनिन ने क … more →

Tags: कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, लेनिन, सर्वहारा, अक्टूबर क्रान्ति, बोल्शेविक

अक्टूबर क्रान्ति की मशाल बुझी नहीं है! बुझ नहीं सकती! 3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर अब से ठीक 79 वर्ष पहले, 1917 में (पुराने कैलेण्डर के अनुसार अक् … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, क्रांति, पूंजीवादी संकट, फासिज्म, लेनिन, अक्टूबर क्रान्ति, दुस्साहसवाद, बोल्शेविक

भगत सिंह, कम्युनिस्ट और गाँधी होने का मतलब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पूंजीपतियों के चाटुकार बुद्धिजीवियों द्वारा जानबूझकर परंतु कुछ पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अनजाने में भावु … more →

Tags: भगत सिंह, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, फासिज्म, युद्ध, कविता, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना

आज शहीदे-आजम का 102वां जन्मदिन है 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: अमर शहीदों का पैगाम, जारी रखना है संग्राम ! भगत सिंह की बात सुनों, नई क्रांति की राह चलो ! मेहनतकश ब … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, आह्वान, साम्राज्यवाद, युद्ध, काले कानून, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, आज़ादी

चुनाव या अन्य इंकलाबी विकल्प – क्या करें

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस आलेख की पिछली कड़ियों के लिए : 3 इससे पहली कड़ी के लिए : यहाँ देखें 2 दूसरी किश्त : यहाँ देखें 1. ऑ … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, भारतीय चुनाव प्रणाल, लोक स्वराज्य, राज्यों के विधानसभा

भारत के गाँव-गाँव तक पैठ कर चुकी बुर्जुआजी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पिछली कड़ी के लिए यहाँ देखें इस लेख के सम्पूर्ण ऑडियो (पंजाबी) के लिए यहाँ दबायें चुनाव या अन्य इंकला … more →

Tags: आह्वान, कम्यून, मार्क्सवाद, सोवियतें, Maoism, भारतीय चुनाव प्रणाल, मजदूर वर्ग की विरासत, राज्यों के विधानसभा , लोक स्वराज्य

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प - दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए और ऑडियो सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भ … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, कम्युनिस्ट, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, माओ त्से तुंग, संसदीय

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भारत में होने वाले निरर्थक संसदीय ओर अन्य चुनावों के बारे … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, साम्राज्यवाद, वर्ग चेतना, संसदीय, संशोधनवाद, नक्सलबाड़ी

सर्वहारा आन्दोलन के अंतरराष्ट्रीय चरित्र का विकास और क्रांति 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 30.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां “वर्ग विरोध पर आधार … more →

Tags: क्रांति, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, संघर्ष, युद्ध, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, कार्ल मार्क्स

दलित-प्रश्न और स्त्री-प्रश्न पर सही रुख अपनाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, संघर्ष, Marxism, कविता, उदारीकरण, जीवन

वामपन्थी" कलावाद-रूपवाद और मध्यवर्गीय लम्पटता का विरोध करो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, कविता, crisis of capitalism, समाज और संस्कृति, कला, साहित्य, संस्कृति

कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर विचारधारात्मक संघर्ष

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, फासिज्म, साम्राज्यवाद, विरासत, Maoism

आज के किसान का चरित्र - हमारी पहुँच - कुछ और स्पष्टता

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर … की टिप्पणियों के प्र … more →

Tags: क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, Communist, वर्ग चेतना, क्रांतिकारी, जनवादी

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर ... 14 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →

Tags: भगत सिंह, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मार्क्सवाद, फासिज्म, आतंकवाद, काले कानून


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS