नमो देवेन्द्र दर्पहर श्री मुरारी। विदित अद्भुत चरित्र गिरिराज उद्धरण गो गोप गोपीजन तापहारी॥१॥ मनो नवल बाल विनोद अखिल गोधन मोद वाम भुजबल वारि वृष्टि हारि। युवति मुख पद्म मकरंद लंपट मधुप कमल लोचन कंज मा… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 2 years ago: नमो देवेन्द्र दर्पहर श्री मुरारी। विदित अद्भुत चरित्र गिरिराज उद्धरण गो गोप गोपीजन तापहारी॥१॥ मनो नव … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: लीला लाल गोवर्धनधर की। गावत सुनत अधिक रुचि उपजत रसिक कुंवर श्री राधावर की॥१॥ सात द्योस गिरिवर कर धार … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: जय जय लाल गोवर्धनधारी इंद्रमान भंग कीनो। वाम भुजा राख्यो गिरिनायक भक्तन कों सुख दीनों॥१॥ सात द्योस म … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: पद्म धर्यो जन ताप निवारण। चक्र सुदर्शन धर्यो कमल कर भक्तन की रक्षा के कारण॥१॥ शंख धर्यो रिपु उदर विद … more →