देखे हैं इन्सान बहुत सब ही हैं हैरान बहुत ऐ ख़ुदा अब बस भी कर दे हो गए इम्तिहान बहुत कुछ रातें अब भूखी होंगी आए हैं महमान बहुत सच कहना कितना मुश्क़िल था लगता था आसान बहुत जाने कैसे कर गुज़रा सब मै भी हूं… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: देखे हैं इन्सान बहुत सब ही हैं हैरान बहुत ऐ ख़ुदा अब बस भी कर दे हो गए इम्तिहान बहुत कुछ रातें अब भूख … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: मेरे अश्क़ेनामुराद यूं, निगाह से थे छलक गए चरागेदिल को बुझा गए, ये आज ऐसे चमक गए हमें प्यास थी दीदार … more →