मुख्य अतिथिद्वय प्रियंकर साहित्य , काम – काज की भाषा और चिट्ठेकारी इन सभी मोर्चों पर हिन्दी-सेवा में लगे हैं । अपने तजुर्बे से उन्हों ने मुझे बताया था कि तदर्थवाद ने हिन्दी का नुकसान किया है । व… more →
समाजवादी जनपरिषदअफ़लातून wrote 1 month ago: मुख्य अतिथिद्वय प्रियंकर साहित्य , काम – काज की भाषा और चिट्ठेकारी इन सभी मोर्चों पर हिन्दी-से … more →
हिन्दुस्तानी एकेडेमी wrote 1 year ago: आमन्त्रण-पत्र मित्रों, चाहता तो था कि यह आमन्त्रण पत्र ही सीधे आपको पढ़ा दूँ, लेकिन शायद इसके लिए लेन … more →