इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, देने वाले ने उन को हुस्न दिया, और अता मुझ को आशिकी कर दी, तुम ने जुल्फों को रुख पे बिखरा कर, शाम रं… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामदीपक भारतदीप wrote 3 months ago: आशिक शिष्य ने अपने इश्क गुरु से कहा ‘‘आदरणीय फिर एक माशुका मेरी जिंदगी में आई पर उसने मेरा इश्क का म … more →
ktheleo wrote 4 months ago: मै अपने आप से कभी घबराता नहीं, पर खाम्खां सरे आईना यूंहीं जाता नहीं. चापलूसी,बेईमानी,और दगा, ऐसा कोई … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →
Amarjeet Singh wrote 7 months ago: इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: इश्क क्या है, इश्क इबादत, इश्क है इमान, इश्क जगाये, पत्थर में भी, दिल में हो, जैसे अरमा, इश्क में मर … more →