इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, देने वाले ने उन को हुस्न दिया, और अता मुझ को आशिकी कर दी, तुम ने जुल्फों को रुख पे बिखरा कर, शाम रं… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामदीपक भारतदीप wrote 2 days ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →
Amarjeet Singh wrote 2 months ago: इन्तिहा आज इश्क की कर दी, आप के नाम ज़िन्दगी कर दी, था अँधेरा गरीब खाने में, आप ने आ के रोशनी कर दी, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: इश्क क्या है, इश्क इबादत, इश्क है इमान, इश्क जगाये, पत्थर में भी, दिल में हो, जैसे अरमा, इश्क में मर … more →