Blogs about: इश्क़
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इश्क़ सुना है हमने बहुत
इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देखें मिल जाये कोई कमसिन हसीना उसपे मरके त… more »
तख़लीक़-ए-नज़र
इश्क़ सुना है हमने बहुत
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विनय प्रजापति wrote 1 day ago: इश्क़ सुना है हमने बहुत ज़रा करके तो देख … more »
खिली-खिली महकी बहारें हैं
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विनय प्रजापति wrote 6 days ago: खिली-खिली महकी बहारें हैं झीलों पर बहत … more »
धुँधलियाँ
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विनय प्रजापति wrote 2 weeks ago: धुँधलियाँ-धुँधलियाँ तेरी यादों की धु … more »
वह कब आयेगी
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विनय प्रजापति wrote 2 weeks ago: वह कब आयेगी जो मुझे चाहेगी जिसका इंति … more »
वह दिल में एक मस्जिद है
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: वह दिल में एक मस्जिद है जिसमें रोज़ नमा … more »
रात चाँदनी का दरया हुई
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: रात चाँदनी का दरया हुई चल चाँद की कश्त … more »
वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ
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विनय प्रजापति wrote 3 weeks ago: वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ बेवफ़ाइ … more »
ज़ियाँ दिल का किया
विनय प्रजापति wrote 4 weeks ago: ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल- … more »
साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है
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विनय प्रजापति wrote 4 weeks ago: साँस रफ़्ता-रफ़्ता पिघल रही है मोहब्बत म … more »
यह दिन प्यार का दिन है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: बहुत ख़ूबसूरत प्यार का दिन है जिसे चाह … more »
जब कभी मैंने साँस ली
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: जब कभी मैंने साँस ली साथ तेरे नाम की फा … more »
तुम मेरे हो
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम मेरे हो, मेरे ही मेरे हो कितनी हों द … more »
राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: राहे-इश्क़ में मुश्किल ही सही पार उतरना … more »
आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: आहिस्ता-आहिस्ता नज़दीकियाँ बढ़ने लगीं … more »
हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: हर गली में ढूँढ़ा तेरा निशाँ मैं भटकता … more »
तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: तुम्हारी ख़ुशबू से महक उठा है मन तुम्ह … more »
वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: वज़नी साँसों में पिस रहा है दिन सारा मु … more »
ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ गया
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: ज़िन्दगी ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैं तुम तक आ ग … more »
उम्मीद है हम तुम मिलेंगे
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विनय प्रजापति wrote 1 month ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये … more »
