स्वर: इक़बाल बानो तू लाख चले रे गोरी थमथम के पायल में गीत हैं छमछम के तू पिया से मिलकर आयी है बस आज से नींद परायी है देखेगी सपने बालम के ये जीवन भर का रोग सखी तोहे पगली कहेंगे लोग सखी याद आयेंगे वादे ब… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: इक़बाल बानो तू लाख चले रे गोरी थमथम के पायल में गीत हैं छमछम के तू पिया से मिलकर आयी है बस आज स … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: गुल बहार बानो / लता मंगेशकर / इक़बाल बानो मोरे सैंयाँ उतरेंगे पार नदिया धीरे बहो न सोना मैं वार … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: बाक़ी सिद्दीक़ी स्वर: इक़बाल बानो दाग़-ए-दिल हमको याद आने लगे लोग अपने दिये जलाने लगे ख़ुद फ़रेबी सी … more →