मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले लो, वरना ज़िन्दगी का एक-एक दिन तेरे इंतिज़ार में कटेगा इक़रार: to confess | इज़हार: to express शायिर: वि… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: मैं तुम्हें चाहता हूँ यह इक़रार कर पाना बहुत मुश्किल है आकर तुम्हीं मुझसे इज़हारे-इश्क़ का कोई वादा ले … more →
विनय wrote 1 year ago: ज़ोर से दिल धड़कता है (हाँ धड़कता है) तूफ़ान साँसों में चलता है (हाँ चलता है) आँखें ठहर जाती हैं तस्वी … more →
विनय wrote 1 year ago: कभी वैसे होता है, कभी ऐसे होता है यह प्यार जो होता है, प्यार ही रहता है… तुमको सब पता है हमक … more →
विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →
विनय wrote 1 year ago: दो लफ़्ज़ों में बयाँ कर सकते थे हम अपने दिल की बात गुज़र गये वह सारे लम्हे बिताये थे जो हमने साथ पास तो … more →
विनय wrote 1 year ago: जिसका इन्तिज़ार था वह आ ही गयी जिसको ढूँढ रहा था मैं मिल भी गयी करता क्या क़दमों में दिल रख दिया और को … more →
विनय wrote 1 year ago: राहों में ढूँढ़ता हूँ कभी तुम मिलती नहीं यह भी सही जानो न जानो प्यार क्या है यह इक नशा-सा उतरता नहीं … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं सबसे जुदा-जुदा रहने लगा हूँ ख़ुद से यारों ख़फ़ा रहने लगा हूँ कभी दिल कहे उसे अपना बना लूँ कभी दिल … more →
विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी ह … more →
विनय wrote 1 year ago: मैंने प्यार किया तुमसे प्यार किया तुम भी कह दो तुमने प्यार किया तुमसे प्यार किया तुम हो वही जिससे मै … more →
विनय wrote 1 year ago: ओ मेरी जूलियट मैं तेरा रोमियो मैंने प्यार किया तुमसे प्यार किया दुनिया से नहीं मैं ख़ुद से डरता हूँ … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमको नफ़रत है मुझसे मुझको क़रार है तुमसे तन्हा मिलो मुझसे कभी’ कहूँ प्यार है तुमसे तुम चलते हो … more →