अपने चारों तरफ हर जगह दुःख, गरीबी, और बुराइयां देखकर एक दिन एक आदमी अपना आपा खो बैठा और आसमान की ओर देखते हुए धरती पीट-पीटकर उसने भगवान से कहा :- “देखो तुमने कैसी दुनिया बनाई है! यहाँ दुःख और दर… more →
Hindizen - निशांत का हिंदीज़ेन ब्लॉगNishant wrote 1 month ago: यह कहानी बहुत पुरानी है. किसी नगर के समीप एक पहाड़ी पर तीन वृक्ष थे. वे तीनों अपने सुख-दुःख और सपनों … more →
Nishant wrote 5 months ago: एक सन्यासी नदी के किनारे ध्यानमग्न था। एक युवक ने उससे कहा – “गुरुदेव, मैं आपका शिष्य बन … more →
Nishant wrote 5 months ago: एक आदमी नाई की दूकान में बाल कटवाने और दाढ़ी बनवाने के लिए गया। जब नाई ने अपना काम शुरू किया तो वे दो … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: वर्ष २००९ का आगमन हो चुका है । पिछले वर्ष सारा विश्व आर्थिक मंदी से जूझता रहा, तो अपना देश उसके साथ … more →
योगेन्द्र wrote 7 months ago: पिछली पोस्ट (८ दिसंबर, २००८) में मैंने विज्ञान के क्षेत्र में प्रयुक्त उन कतिपय शब्दों का जिक्र किया … more →