विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बेहद, बुनियादी और फौरी ज़रूरत है। बल्कि इस मामले में पहले ही देर हो चुकी है। बेहतर तो यह होता कि यह अखि… more →
बिगुलShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: विशेष सम्पादकीय (बिगुल प्रवेशांक, अप्रैल 1995) आज एक नये क्रान्तिकारी मज़दूर अख़बार की ज़रूरत है। बेह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: पूँजीवाद में प्रवास रोज़ी-रोटी तथा बेहतर जीवन के लिए इंसानों के एक जगह से दूसरी जगह प्रवास की परिघटन … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: उपरोक्त संक्षिप्त चर्चा के आलोक में मज़दूर साथियों के लिए यह समझना कठिन नहीं होना चाहिए कि मई दिवस क … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: जंगल की आग की तरह फैलती विश्वव्यापी आर्थिक मन्दी करोड़ों मेहनतकशों के रोज़गार निगल चुकी है पूँजीवाद क … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: फ्रेडरिक एंगेल्स का 8 फरवरी, 1845 को एल्बरफील्ड में दिया गया भाषण ( वैज्ञानिक समाजवाद के आविष्कारक क … more →