‘नज़र’ वह हस्ती’ उदू उसका’ उसका नाम रटे जो लिख दे वह नाम दिल पर कभी न मिटे जीता है भला कौन अदू उसका उससे लड़कर वह आँधी है जिससे बरगद का दरख़्त फटे… शायिर: विनय प्रजापति ‘न… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: ‘नज़र’ वह हस्ती’ उदू उसका’ उसका नाम रटे जो लिख दे वह नाम दिल पर कभी न मिटे जी … more →