शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाय… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 7 months ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया का … more →
विनय wrote 7 months ago: दिल की लगी दिल को दिल से लगी जब लगी यह आ … more →
विनय wrote 8 months ago: रहते हैं हम जिन ख़ाबों में उन ख़ाबों क … more →