धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी हैं जवाँ तो जब वह भी हैं जवाँ तो भला प्यार कैसे न होगा, इक़रार कैसे न होगा… इस उमर में हर कोई इस… more →
तख़लीक़-ए-नज़रkmuskan wrote 11 months ago: वो वक्त जैसे बीत कर भी नही बिता मेरे आज में शामिल है वो कुछ इस तरह कहते है वक्त से पहले किसी को कुछ … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: खुमारी चढ़ के उतर गई ज़िंदगी यूं ही गुजर गई – 2 कभी सोते सोते कभी जागते ख़्वाबों के पीछे यू ही भ … more →
विनय wrote 1 year ago: धीरे-धीरे प्यार होता है होते-होते इक़रार होता है जब हम भी हैं यहाँ तो जब वह भी हैं यहाँ तो जब हम भी ह … more →
विनय wrote 1 year ago: जबीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है वह गुलाबी ख़ुशरंग शामो-सहर याद आती है जिसने हमें ज़िन्दगी का दीवा … more →