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Blogs about: उम्मीद

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तोप के मुँह में तिनका रख रही है कविता - तैयब हुसैन10 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 6 months ago: तोप के मुँह में तिनका रख रही है कविता – तैयब हुसैन ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata … more →

Tags: कविता-पोस्टर, तिनका, तैयब हुसैन, तोप

उसने हमसे कभी वफ़ा न की7 comments

विनय wrote 10 months ago: उसने हमसे कभी वफ़ा न की और हमने भी तमन्ना न की बहुत बोलते हैं सब ने कहा सो आदत-ए-कमनुमा न की बहुत आये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, आदत, Friendship, वफ़ा, तमन्ना

~~ कभी पलकों पे आंसू ~~1 comment

ambuj wrote 11 months ago:  कभी पलकों पे आंसू आते हैं तो कभी लब थरथराते हैं, कभी दिल में बेचैनी होती है तो कभी साँसे थम सी जाती … more →

Tags: कविता, जीवन, Kavita, Poem, कभी आंसू, पलक, बेचैनी, हिन्दी कविता, Hindi Poem

जिए जा रहे है3 comments

kmuskan wrote 1 year ago: अपने ही कंधो पे ,अपनी लाश लिए जा रहे है जाने किस , उम्मीद में जिए जा रहे है जानती हूँ ,तू शामिल नही … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, जिंदगी

तआक़ुब3 comments

विनय wrote 1 year ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, इश्क़, घायल, चाँद, तआक़ुब, दीदार, प्यार, मोहब्बत, शाम

उम्मीद1 comment

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: नदीयों की धाराओं को कैसे मोड दूँ, पलको के ख्वाब को कैसे तोड दूँ, तु मुझे चाहेगी, इतनी तो उम्मीद भी न … more →

Tags: Shayari - Muqtak, Shubhashish, कला, शेर, कविता, शुभाशीष, मुक्तक

उम्मीद है हम तुम मिलेंगे3 comments

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →

Tags: मेरा गीत, धूप, इश्क़, Heart, Love, light, Mind, दिल, प्यार

उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की

विनय wrote 1 year ago: उम्मीद जागी है इक बार फिर तुम्हें पाने की बचाये ख़ुदा! नज़र न लग जाये ज़माने की तेरी जुस्त-जू को न मिट … more →

Tags: रुबाइयाँ, वक़्त, इश्क़, Love, time, प्यार, मोहब्बत, ख़ुदा, नज़र

जैसे-तैसे निभाते हैं

विनय wrote 1 year ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछताते हैं सच्चे-झूठे सपने तेरे रातों की नींदें उड़ाते हैं दो किनारे … more →

Tags: मेरा गीत, angry, इश्क़, किनारा, झूठ, दिन, नींद, पछताना, पुल

उफ़! यह छाँव की उमस

विनय wrote 1 year ago: उफ़! यह छाँव की उमस तौबा यह झूठे फ़साने उम्मीद की धूप रिस गयी है शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, उफ़, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, तौबा

दिल को उनके आने की उम्मीद सी है

Rohit Jain wrote 1 year ago: दिल को उनके आने की उम्मीद सी है कुछ करम हो जाने की उम्मीद सी है हाथ में जाम लिये बैठा हूँ आँखों से म … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, की, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

किसी आस्माँ के परे तो

विनय wrote 1 year ago: किसी आस्माँ के परे तो तेरी मुहब्बत का हासिल मिलेगा कितनी तन्हाइयाँ तय करें कब हमें इनका हासिल मिलेगा … more →

Tags: मेरी नज़्म, हुस्न, आस्माँ, मुहब्बत, दूर, चाह, उफ़

दिल की बस्तियाँ जलीं

विनय wrote 2 years ago: दिल की बस्तियाँ जलीं पर उठा नहीं धुँआ बुझाया आँखों से मैंने पर बुझा नहीं धुँआ बहुत देर तक टीस दबाये … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, अश्क, आँख, इश्क़, किनारा, टीस, दर्द, दिल, धुँआ

अपना अक्स देखा

विनय wrote 2 years ago: आज राह चलते-चलते इक आईने में अपना अक्स देखा बड़ा ग़ुरूर था मुझे खु़द पर न मैंने अपने अंदर का नक्स देख … more →

Tags: मेरी नज़्म, अक्स, असलीयत, आँसू, आईना, ग़लती, नींद, नक़्स, रात


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