विनय wrote 7 months ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना … more →
विनय wrote 8 months ago: अम्बर में जब चाँद खिला उस पल से चला जान … more →
विनय wrote 8 months ago: मेरी बाइसे-ज़ीस्त, तुमको इक नज़र देखने क … more →
विनय wrote 9 months ago: नामंज़ूर थी पेशकश तुम्हें दिल की कैसे द … more →