Lyrics: Mirza Ghalib Singer: Jagjit Singh उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक वो समझते हैं कि बीमार का हाल अच्छा है। देखिए पाते हैं उशशाक़ बुतों से क्या फ़ैज़ इक बराह्मन ने कहा है कि ये साल अच्छा ह… more →
Their Words, Their Voiceडा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अबतक आपने पढ़ा … औ्षधि तीन प्रकार की होती है 1- दैविक, 2- मानुषिक, 3- पैशाचिक । पैशाचिक औषधियों … more →
Jaya wrote 3 years ago: Lyrics: Mirza Ghalib Singer: Jagjit Singh उनके देखे से जो आ जाती है मुँह पे रौनक वो समझते हैं कि बीम … more →