Alok Kumar wrote 3 months ago: क्या है सघन मेघों के उस पार, नही जानता । हो सकता है अंधकार , या हो सकते हैं सूर्य हजार, यही मानता । … more →
Alok Kumar wrote 4 months ago: उसमें अनंत गहराई है, है व्याकुलता, तन्हाई है, ढूंढ सको तो ढूंढ लो , एक ‘सोता‘उसमें कहीं … more →