एतबार है हमे ज़िंदगी ज़िंदगी जब से रूबरू हमसे हुई है ख़यालो के तूफान थमसे गये है अभी | पहले तो हवा का कोई रुख़ ना था कश्ती को इक नयी दिशा मिली है अभी | असीम आसमा में उड़ते हम खो गये थे कदम रखने एक नय… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: एतबार है हमे ज़िंदगी ज़िंदगी जब से रूबरू हमसे हुई है ख़यालो के तूफान थमसे गये है अभी | पहले तो हवा … more →