जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्हे अब भी एतराज है तुम्हे ये हक किसने कब दिया आज मुझे तुम्हारे इस हक पे एतराज है… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 1 year ago: जब आंखो मे सपने थे ,अरमान थे तो तुम्हे तब भी एतराज था आज जब हर सपना ,हर अरमान मर चुका है तो तुम्हे अ … more →