कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, फोटोग्राफ़ी करने और उस जगह को जानने के लिए। दिल्ली में और आसपास बहुत सी ऐतिहासिक जगह हैं जो कि मशहूर… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!jarapanjara wrote 1 year ago: Marketiva हिन्दी आप करने जा रहे हैं ऑनलाइन धन बनाने के रहस्य का पता नहीं हैं कि आप को के बारे में जा … more →
Amit wrote 2 years ago: कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, … more →
Amit wrote 2 years ago: तकरीबन चार दिन से घर में ही था, मन बेचैन था तो पिछले से पिछले बृहसपति-वार की शाम को मन हुआ कि कहीं ल … more →
Amit wrote 2 years ago: बीते दिनों में एक रविवार सुबह संतोष के साथ कुतुब मीनार के पास स्थित पाँच इंद्रियों के बाग़ यानि कि गॉ … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले सप्ताहांत, 29 और 30 सितंबर 2007, पर दिल्ली पर्यटन विभाग ने पंद्रहवें वार्षिक कुतुब उत्सव का आय … more →
Amit wrote 2 years ago: ….. बना वोट पाने का माल ऽऽ, कांग्रेस भी चाहे पाना इसको करुणा के साथ ऽऽ ॥ … more →
Amit wrote 2 years ago: ईयहाँ वहाँ सुनत रहे एकठौ जगह पढ़े भी रहे कि फलां की फोटुओं की फलां गैलरी मा प्रदर्शनी हो रही है, फलां … more →
Amit wrote 2 years ago: जुलाई में जीतू भाई के आगमन पर हुई रेगुलर ब्लॉगर मीट के कुछ लम्हें मैंने यहाँ दिखाए थे। उस दिन ली सभी … more →
Amit wrote 2 years ago: दिल्ली का तीसरा बारकैम्प और कदाचित् पहला ओपन सोर्स सॉफ़्टवेयर कैम्प(open source software camp) यानि … more →
Amit wrote 2 years ago: चार महीने हुए जब पिछली बार कहीं घूमने फिरने गया था, मन व्याकुल हो रहा था, तो प्रोग्राम बना पालमपुर ज … more →
Amit wrote 2 years ago: अब मिश्रा जी तो 27 अगस्त 2007 की ब्लॉगर मीट की घोषणा कर दिए लेकिन डिफॉल्टिंग पार्टी भी वही थे, यानि … more →
Amit wrote 2 years ago: 7 जुलाई को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में (दो दिन चलने वाले) उन्नीसवें वार्षिक मैंगो फैस्टिवल(ma … more →
Amit wrote 2 years ago: आज की (रेगुलर)ब्लॉगर भेंटवार्ता में जीतू भाई तो खैर आ ही गए, साथ ही श्रीश से भी पहली बार मिलना हुआ। … more →
Amit wrote 2 years ago: परसों शनिवार को एक हिन्दी ब्लॉगर भेंटवार्ता हुई, ऐसी हुई कि बस क्या कहें कैसी हुई, वैसे शैलेश बाबू न … more →
Amit wrote 2 years ago: कल की महा-ब्लॉगर भेंटवार्ता/मीट में अपने कैमरे में कैद किए कुछ पल। तो देखिए उन लम्हों को मेरी नज़र से … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. समीर जी ने पूछा कि नए स्लीपिंग बैग में ठंड झेल पाए कि नहीं, तो उसके संबन् … more →
Amit wrote 2 years ago: मई 2007 के दूसरे सप्ताहांत पर पुनः तुन्गनाथ जाने का कार्यक्रम बना। पिछली बार का हादसा याद था, लेकिन … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. रविवार सुबह जल्द ही आँख खुल गई। लगभग सभी जाग गए थे; बाहर बाल्कनी में आकर … more →
Amit wrote 2 years ago: पिछले भाग से आगे ….. अगले दिन की सुबह बढ़िया थी, लेकिन हमारे पहली मंज़िल पर स्थित कमरे की बाल्कन … more →