तन-मन में लागयो अगनवा ए.सी. लाय दईबो सजनवा। जेठ-दुपहरी करेजवा जरावै, काहै को लाए गवनवा.. ए.सी. लाय दईबो सजनवा। सोलह श्रृंगार टप-टप टपक रह्यो, तर-बतर है बदनवा.. ए. सी. लाय दईबो सजनवा। अंगिया उमसे, सेजर… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 4 months ago: तन-मन में लागयो अगनवा ए.सी. लाय दईबो सजनवा। जेठ-दुपहरी करेजवा जरावै, काहै को लाए गवनवा.. ए.सी. लाय द … more →