इक औरत की िजंदगी गुजर जाती ह,ै मुिशकलो से जुझने मे कभी अपने हक के िलए तो, कभी अपने आसिततव के िलए कभी अपने िलए तो, कभी अपनो के िलए। बचपन से जवानी, जवानी से बुढापा जुझती रहती है औरत कभी- कभी तो इस दुिनय… more →
कुछ िदल सेPraful wrote 8 months ago: सुबह-सुबह टीवी पर एक खबर देखी… बस, सोचता ही रह गया… कोई बाप ऐसी हरकत करने की कल्पना भी क … more →
अनिल कुमार wrote 11 months ago: औरत और भगवान सब कुछ कर सकते हैं. Woman and God can do everything. … more →
kmuskan wrote 1 year ago: गीता आज एक ऐसे दोराहे पर खडी थी जहाँ उसे समझ नही आ रहा है िक वो कया करे ,कहाँ जाए िकससे अपने िदल की … more →
kmuskan wrote 1 year ago: इक औरत की िजंदगी गुजर जाती ह,ै मुिशकलो से जुझने मे कभी अपने हक के िलए तो, कभी अपने आसिततव के िलए कभी … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: मंजुला दो भाइयों की अकेली बहिन थी। छोटे से क़स्बे में पली-बढ़ी मंजुला ने स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्रा … more →