इक औरत की िजंदगी गुजर जाती ह,ै मुिशकलो से जुझने मे कभी अपने हक के िलए तो, कभी अप… more →
कुछ िदल सेkmuskan wrote 2 months ago: गीता आज एक ऐसे दोराहे पर खडी थी जहाँ उस … more →
kmuskan wrote 2 months ago: इक औरत की िजंदगी गुजर जाती ह,ै मुिशकलो … more →