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Blogs about: कम्युनिस्ट

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चुनाव, राजनीतिक दल और बुद्धिजीवी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 3 weeks ago: हमने लिखा था कि वर्तमान संसदीय प्रणाली द्वारा मजदूर वर्ग कभी सत्ता प्राप्त नहीं कर सकता. लेकिन इसका … more →

Tags: आह्वान, एंगेल्स, क्रांति, पूंजीवादी संकट, बुर्जुआ लोकतंत्र, मार्क्सवाद, समाजवाद, सर्वहारा, Communist

गोरखपुर और गुडगाँव के मजदूरों का दमन और बुद्धिजीवी वर्ग की चुप्पी 4 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक तरफ तो उत्तर प्रदेश की सरकार ‘सर्वजन हिताय’ होने का दावा करती है लेकिन दूसरी और इस सर … more →

Tags: आंदोलन, आतंकवाद, आह्वान, उदारीकरण, क्रांति, दायित्वबोध, पूंजीवादी संकट, ललकार, संघर्ष

आग्नेय अक्टूबर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अक्टूबर क्रांति की ९२वीँ वर्षगांठ पर बोल्शेविकों ने विद्रोह की ज़ोरदार तैयारियाँ शुरू कीं। लेनिन ने क … more →

Tags: क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, लेनिन, सर्वहारा, अक्टूबर क्रान्ति, इन्कलाब, बोल्शेविक

भगत सिंह, कम्युनिस्ट और गाँधी होने का मतलब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पूंजीपतियों के चाटुकार बुद्धिजीवियों द्वारा जानबूझकर परंतु कुछ पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अनजाने में भावु … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, कविता, फासिज्म, भगत सिंह, युद्ध, इन्कलाब, पाश, मजदूर वर्ग की विरासत

चुनाव या अन्य इंकलाबी विकल्प – क्या करें

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस आलेख की पिछली कड़ियों के लिए : 3 इससे पहली कड़ी के लिए : यहाँ देखें 2 दूसरी किश्त : यहाँ देखें 1. ऑ … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, सर्वहारा, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, इन्कलाब, भारतीय चुनाव प्रणाल, लोक स्वराज्य, राज्यों के विधानसभा

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प - दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए और ऑडियो सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भ … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, माओ त्से तुंग, इन्कलाब, संसदीय

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भारत में होने वाले निरर्थक संसदीय ओर अन्य चुनावों के बारे … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, सर्वहारा, साम्राज्यवाद, वर्ग चेतना, इन्कलाब, संसदीय, संशोधनवाद, नक्सलबाड़ी

कम्युनिस्ट और मजदूर वर्ग की पार्टियाँ

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: घोषणापत्र का यह वाक्य कि “कम्युनिस्ट मजदूर वर्ग की पार्टियों के बदले में अपनी कोई अलग पार्टी न … more →

Tags: विरासत, सर्वहारा, कार्ल मार्क्स, मजदूर वर्ग की विरासत, कम्युनिस्ट पार्टी क, डेविड रियाज़ानोव, व्याख्यात्मक टिप्पण

सर्वहारा आन्दोलन के अंतरराष्ट्रीय चरित्र का विकास और क्रांति 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 30.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां “वर्ग विरोध पर आधार … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, क्रांति, पूंजीवादी संकट, युद्ध, संघर्ष, सर्वहारा, इन्कलाब, कम्युनिस्ट पार्टी क

प्रो.एल.पी.जी. बुद्धिजीवी बनाम वामपंथी बुद्धिजीवी 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: पिछली शताब्दी के नब्बे के दशक में और उसके बाद भारत में एक ऐसा वर्ग पनपा है जिसे प्रो.एल.पी.जी. वर्ग … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, सर्वहारा, Maoism, अधिशेष, बीस फीसदी का लोकतन्त, मजदूरों का जीवन, माओ त्से तुंग, वामपंथी

फासीवाद के 14 लक्षण 5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: डा. लॉरेंस ब्रिट डा. लॉरेंस ब्रिट  – एक राजनीतिक विज्ञानी जिन्होंने फासीवादी शासनों जैसे हिटलर … more →

Tags: आतंकवाद, काले कानून, फासिज्म, साम्प्रदायिकता, अन्धराष्ट्रवाद, आधी आबादी, ट्रेड यूनियन, राष्ट्रवाद, वर्ग चेतना

मैं कार्ल मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य के सिद्धांत की इतनी सरल प्रस्तुति सुन रही थी...2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: जैक लंडन का उपन्यास - देखें : \’आयरन हील\’ और अतिरिक्त मूल्य का नियम सपने का गणित अर्नेस … more →

Tags: उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद, समाजवाद, सर्वहारा, अधिशेष, कार्ल मार्क्स, पुस्तकों सबंधी जानक

आज के किसान का चरित्र - हमारी पहुँच - कुछ और स्पष्टता

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर … की टिप्पणियों के प्र … more →

Tags: आंदोलन, क्रांति, समाजवाद, सर्वहारा, Communist, इन्कलाब, किसान, क्रांतिकारी, जनवादी

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: आंदोलन, उदारीकरण, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, फासिज्म, मार्क्सवाद, युद्ध

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: आह्वान, उदारीकरण, दायित्वबोध, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट, प्रतिबद्ध, मार्क्सवाद, लेनिन

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत

स्वतंत्रता सेनानी और गदर पार्टी के आखिरी चिराग बाबा भगत सिंह बिलगा के निधन पर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बाबा भगत सिंह बिलगा अपने 102वें वर्ष में स्वतंत्रता सेनानी और गदर पार्टी के आखिरी चिराग बाबा भगत सिं … more →

Tags: नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, प्रतिबद्ध, भगत सिंह, विरासत, सर्वहारा, कम्युनिज्म, गदर पार्टी, भगत सिंह बिलगा

कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर ... 14 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जिस देश का प्रधानमंत्री स्वयं स्वीकार करे की देश की 7० प्रतिशत जनता 20 या 20 रूपए से कम पर गुज़ारा कर … more →

Tags: आतंकवाद, आह्वान, काले कानून, फासिज्म, भगत सिंह, मार्क्सवाद, लेनिन, सर्वहारा, इन्कलाब

मई दिवस का इतिहास-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस पोस्ट का पहला भाग ….यहाँ देखें शिकागो की हड़ताल और हे मार्केट की घटना पहली मई को शिकागो में … more →

Tags: लेनिन, आंदोलन, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, संघर्ष, फासिज्म, युद्ध, विरासत


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