कोई पास आया सवेरे सवेरे मुझे आज़माया सवेरे सवेरे (आज़माया : tested) मेरी दास्तां को ज़रा सा बदल कर मुझे ही सुनाया सवेरे सवेरे (दास्तां : story) जो कहता था कल संभलना संभलना वही लड़खड़ाया सवेरे सवेरे कट… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 3 years ago: कोई पास आया सवेरे सवेरे मुझे आज़माया सवेरे सवेरे (आज़माया : tested) मेरी दास्तां को ज़रा सा बदल कर म … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: जब कभी तेरा नाम लेते है दिल से हम इन्तिक़ाम लेते है (इन्तिक़ाम : revenge) मेरे बरबादियों के अफ़साने म … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: दुनिया जिसे कहते हैं जादू का ख़िलौना हैं मिल जाये तो मिट्टी हैं खो जाये तो सोना है अच्छा सा कोई मौसम … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: हर सू दिखाई देते हैं वो जलवागर मुझे क्या-क्या फरेब देती है मेरी नज़र मुझे (हर सू : in every directio … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: तुम नहीं ग़म नहीं शराब नहीं ऐसी तन्हाई का जवाब नहीं (ग़म : grief, pain; तन्हाई : loneliness, solitud … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: कौन कहता है मुहब्बत की ज़ुबाँ होती है ये हक़ीक़त तो निगाहों से बयाँ होती है ( ज़ुबाँ : tongue, voice … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: इश्क में ग़ैरत-ए-जज़्बात ने रोने ना दिया वरना क्या बात थी किस बात ने रोने ना दिया (ग़ैरत-ए-जज़्बात : … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: यार ने मुझको मुझे यार ने सोने ना दिया रात भर ताल-ए-बेदार ने सोने ना दिया (ताल-ए-बेदार : like a thorn … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: वो नहीं मिलता मुझे इसका गिला अपनी जगह उसके मेरे दरमियाँ फासिला अपनी जगह (गिला : complaint; दरमियाँ : … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: मेरी तन्हाईयों तुम ही लगा लो मुझको सीने से कि मैं घबरा गया हूँ इस तरह रो रो के जीने से (मेरी तन्हाईय … more →