ख़ुमार बाराबंकवी हम उन्हें वो हमें भुला बैठे… ऐसा नहीं के उनसे मुहब्बत नहीं रही… एक पल में एक सदी का मज़ा हम से पूछिये… वो हमें जिस कदर आजमाते रहे…… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 4 months ago: ख़ुमार बाराबंकवी हम उन्हें वो हमें भुला बैठे… ऐसा नहीं के उनसे मुहब्बत नहीं रही… एक पल में एक सदी का … more →
अंकुर वर्मा wrote 6 months ago: स्वर:मेंहदी हसन रचना: बहादुर शाह ज़फ़र … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: बाबा बुल्ले शाह स्वर: पूरण चन्द्र वडाली और प्यारेलाल वडाली (वडाली बन्धु) बस कर जी हुण बस कर जी … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: लपक झपक :: मन्ना डे :: बूट पॉलिश आ मिल यार :: वडाली बन्धु :: बुल्ले शाह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: बुल्ला की जाणा मैं कौन (वडाली बन्धु) घूँघट चक लै सजना (नुसरत फ़तेह अली ख़ान) घूँघट चक लै सजना (वडाली ब … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: अताउल्लाह ख़ान दूरों दूरों सानु तरसांदे ओ, असाँ बुलाये ते नि आंदे ओ इश्क़ में हम तुम्हें क्या बत … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: पिछले सप्ताहांत पर आई आई टी कानपुर के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: कैफ़ी आज़मी स्वर: भूपिन्दर, रफ़ी, तलत महमूद और मन्ना डे होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ज़हर चुपक … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: मन्ना डे उद्धृत: http://aksharavanam.blogspot.com/2008/03/blog-post_1820.html चलत मुसाफ़िर मोह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: साहिर लुधियानवी स्वर: मन्ना डे लागा चुनरी में दाग छुपाऊँ कैसे चुनरी में दाग छुपाऊँ कैसे घर जाऊ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: गोपालदास ‘नीरज’ स्वर: मोहम्मद रफ़ी उद्धृत: http://hindipoems.wordpress.com/2005/09/ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: सुदर्शन ‘फ़ाकिर’ स्वर: बेग़म अख़्तर इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़बात ने रोने न दिया वरना क्या बा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: मेहदी हसन लागी रे लागी लगन ये ही दिल में दीप जले सुर के सागर में जब मैं गीत सुनाऊँ लागी रे… सर … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान आ पिया इन नैनन में जो पलक ढाँक तोहे लूँ, न मैं देखूँ गैर को न तोहे देखन दूँ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान उम्र जलवों में बसर हो ये ज़रूरी तो नहीं, हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: मुन्नी बेग़म / ग़ुलाम अली नीयत-ए-शौक़ भर न जाय कहीं तू भी दिल से उतर न जाय कहीं … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ स्वर: मेंहदी हसन / बेग़म अख़्तर / नूरजहाँ दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के वो जा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: फ़रीदा ख़ानुम सजन लागी तोरी लगन मन मा लाज मोहे आये हाय रे हाय लगायी तेने कैसी लगन मन मा हर आहट प … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: बल्क़ीस ख़ानुम तेरे मिलने को बेकल हो गये हैं मगर ये लोग पागल हो गये हैं (बेकल … more →