अंकुर वर्मा wrote 2 weeks ago: स्वर:मेंहदी हसन रचना: बहादुर शाह ज़फ़र … more →
अंकुर वर्मा wrote 8 months ago: रचना: बाबा बुल्ले शाह स्वर: पूरण चन्द्र वडाली और प्यारेलाल वडाली (वडाली बन्धु) बस कर जी हुण बस कर जी … more →
अंकुर वर्मा wrote 10 months ago: लपक झपक :: मन्ना डे :: बूट पॉलिश आ मिल यार :: वडाली बन्धु :: बुल्ले शाह … more →
अंकुर वर्मा wrote 11 months ago: बुल्ला की जाणा मैं कौन (वडाली बन्धु) घूँघट चक लै सजना (नुसरत फ़तेह अली ख़ान) घूँघट चक लै सजना … more →
अंकुर वर्मा wrote 11 months ago: स्वर: अताउल्लाह ख़ान दूरों दूरों सानु तरसांदे ओ, असाँ बुलाये ते नि आंदे ओ इश्क़ में हम तुम्हें क् … more →
अंकुर वर्मा wrote 12 months ago: पिछले सप्ताहांत पर आई आई टी कानपुर के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: कैफ़ी आज़मी स्वर: भूपिन्दर, रफ़ी, तलत महमूद और मन्ना डे होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ज़हर चुप … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: मन्ना डे उद्धृत: http://aksharavanam.blogspot.com/2008/03/blog-post_1820.html चलत मुसाफ़िर मोह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: साहिर लुधियानवी स्वर: मन्ना डे लागा चुनरी में दाग छुपाऊँ कैसे चुनरी में दाग छुपाऊँ कैसे घर जाऊ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: गोपालदास ‘नीरज’ स्वर: मोहम्मद रफ़ी उद्धृत: http://hindipoems.wordpress.com/2005/09/ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: सुदर्शन ‘फ़ाकिर’ स्वर: बेग़म अख़्तर इश्क़ में ग़ैरत-ए-जज़बात ने रोने न दिया वरना क्या बा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: मेहदी हसन लागी रे लागी लगन ये ही दिल में दीप जले सुर के सागर में जब मैं गीत सुनाऊँ लागी रे… सर … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान आ पिया इन नैनन में जो पलक ढाँक तोहे लूँ, न मैं देखूँ गैर को न तोहे देखन दू … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: नुसरत फ़तेह अली ख़ान उम्र जलवों में बसर हो ये ज़रूरी तो नहीं, हर शब-ए-ग़म की सहर हो ये ज़रूरी तो नह … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: मुन्नी बेग़म / ग़ुलाम अली नीयत-ए-शौक़ भर न जाय कहीं तू भी दिल से उतर न जाय कही … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ स्वर: मेंहदी हसन / बेग़म अख़्तर / नूरजहाँ दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के वो जा … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: फ़रीदा ख़ानुम सजन लागी तोरी लगन मन मा लाज मोहे आये हाय रे हाय लगायी तेने कैसी लगन मन मा हर आहट … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: नासिर काज़मी स्वर: बल्क़ीस ख़ानुम तेरे मिलने को बेकल हो गये हैं मगर ये लोग पागल हो गये हैं (बेकल … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: रचना: सरूर बाराबंकवी स्वर: फ़िरदौसी बेग़म फ़िल्म: नवाब सिराजुद्दौला है ये आलम तुझे भुलाने में, अश्क आते … more →