विनय wrote 1 year ago: उम्मीद है हम तुम मिलेंगे उम्मीद है नये दीप जलेंगे जब बसंत की धूप महकेगी उम्मीद है दोनों दिल खिलेंगे … more →
विनय wrote 1 year ago: जादू जैसा छाया पहला-पहला नशा जी में आये पंख खोल उड़ जाऊँ मैं आस्माँ से आगे निकल जाऊँ मैं मस्ती दिल प … more →